लखनऊ (हि.स.)। कोरोना की दूसरी लहर से मची तबाही के बाद अब तीसरी लहर की भी शुरुआत हो गई है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के इलेक्शन कैंपेन कमिटी के चेयरमैन पीएल पुनिया ने योगी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को आईसीयू में पहुंचाने का काम किया है।
पुनिया ने कहा अभी कुछ ही दिन बीते हैं जब नीति आयोग की एक रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को निचला स्थान मिला। उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में देश में सबसे फिसड्डी साबित हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों की मानें, तो प्रति एक हजार आबादी पर एक डॉक्टर का होना अनिवार्य है। नेशनल हेल्थ प्रोफाइल 2015 के मुताबिक, प्रदेश में कुल 65,343 डॉक्टर पंजीकृत हैं, जिनमें से 52,274 राज्य में प्रैक्टिस करते हैं।
श्री पुनिया ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेज के नाम पर भी इस सरकार ने सिर्फ धोखेबाजी की है। जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज में परिवर्तित तो कर दिया है लेकिन यह काम सिर्फ कागजी तौर पर हुआ। अस्पतालों में न तो डॉक्टरों की पर्याप्त संख्या मौजूद है और न ही दवाओं के साथ लोगों को अन्य सुविधाएं मिल पा रही हैं।
बृजनन्दन
