-जिला पंचायत सदस्य की तहरीर पर पुलिस ने की कार्रवाई
कानपुर देहात (हि.स.)। जिले में बीते दिनों आग लगने से जलकर हुई मां-बेटी की मौत के मामले में पोस्टमार्टम हाउस के बाहर “मै ब्राम्हण हूँ महासभा” के अध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य के बीच हुआ विवाद लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इसी क्रम में जिला पंचायत सदस्य ने अध्यक्ष दुर्गेश मनी त्रिपाठी व उनके कई साथियों के खिलाफ एससीएसटी जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
कानपुर देहात जनपद में मड़ौली गांव में मां और बेटी की जलकर मौत हो गई थी। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के समझाने के पर चौबीस घंटे बाद शवों का पोस्टमार्टम हुआ था। इस दौरान राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला अपने पति पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी के साथ सीधे लखनऊ से पोस्टमार्टम हाउस पहुंची थीं। उन्होंने बताया था कि वो पीड़ित परिवार के लिए मुख्यमंत्री से मिलने गई थीं, जिस पर मुख्यमंत्री ने सख्त कार्यवाही का आश्वासन उनको दिया था। इसी दौरान वहां पर “मै ब्राम्हण हूँ महासभा” के अध्यक्ष दुर्गेश मनी त्रिपाठी पहुंचे थे।
पोस्टमार्टम होने के दौरान उनके और अनिल शुक्ला वारसी के बीच कुछ कहासुनी हो गई थी और विवाद में जिला पंचायत सदस्य कृष्णा गौतम भी आ गई थीं। उस वक़्त का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और इस मामले ने तूल पकड़ लिया। इस पर राजनीति भी शुरू हो गई है।
सोशल मीडिया पर लगातार इस मामले को लेकर पोस्ट डाली जाने लगीं। इसी बीच पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी का सोशल मीडिया पर एक वीडियो आया, जिसमे उन्होंने बताया कि उस दिन आखिर क्या घटना हुई थी। उन्होंने दुर्गेश मनि त्रिपाठी को स्वयंभू ब्राह्मण बताते हुए कहा कि उस दिन इन्होंने उनकी पत्नी राज्य मंत्री को गाली दी थी, जिसके बाद जिला पंचायत सदस्य ने जब इसका विरोध किया तो ब्राह्मण महा सभा के अध्यक्ष और उनके गुर्गों ने जिला पंचायत सदस्य कृष्णा गौतम को बाल पकड़ कर गिरा दिया था।
इसी दौरान दोनों में आपस मे विवाद गया था। इस घटना को और उनकी छवि खराब करने में उनके पार्टी के सांसद का भी हाथ है, जिसका जिक्र भी उनके द्वारा किया गया है। इसके बाद जिला पंचायत सदस्य कृष्णा गौतम ने पुलिस को तहरीर दी और पुलिस ने दुर्गेश मनि त्रिपाठी और उनके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। दुर्गेश लगातार सोशल मीडिया पर कुछ न कुछ पोस्ट डाला करते हैं। ऐसे कई पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल भी हुए हैं।
अवनीश
