वाराणसी (हि.स.)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के बाद काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में भी फीस वृद्धि को लेकर छात्र संगठन मुखर हो रहे हैं। इस मुद्दे पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी छात्रों के विरोध का समर्थन किया है। छात्रों ने सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर भी बीएचयू प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
भगत सिंह छात्र मोर्चा से जुड़े छात्रों और कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को फीस वृद्धि के विरोध में विश्वविद्यालय परिसर स्थित केन्द्रीय कार्यालय के सामने जमकर धरना प्रदर्शन किया। फीस वृद्धि वापस लेने की मांग कर छात्र कुलपति से मिलने की जिद करते रहे। छात्रों के प्रदर्शन को देख वहां विवि के प्राक्टोरियल बोर्ड के अफसर और सुरक्षा कर्मी भी पहुंच गये। कार्यालय के मुख्य गेट पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को सुरक्षा कर्मियों ने हटाना शुरू किया तो उनसे धक्का-मुक्की भी की गई।
छात्रों का कहना था कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने फीस वृद्धि का जो फैसला लिया है वह गलत है। इसके पहले बीएचयू में हॉस्टल के साथ ही विभिन्न पाठयक्रमों में फीस वृद्धि के विरोध में दो दिन पूर्व एनएसयूआई बीएचयू इकाई के कार्यकर्ताओं ने शिक्षामंत्री का पुतला फूंका था। परिसर स्थित मधुबन पार्क के पास उनकी प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मियों से जमकर नोकझोंक भी हुई थी। बीएचयू में दस दिसंबर को होने वाले 102वें दीक्षांत समारोह को लेकर भी छात्रों का विरोध शुरू हो गया है।
नाराज छात्रों का कहना है कि दीक्षांत को लेकर पिछले छह सितंबर को जारी आदेश में 2019-20 और 2020-21 में पास होने वाले छात्र-छात्राओं को दीक्षांत समारोह में उपाधि नहीं देने की बात सामने आई है। इसमें 2021-22 वाले छात्रों को समारोह में मेडल, डिग्री दोनों देने का जिक्र है। दीक्षांत समारोह में उपाधि पाना सभी छात्रों का सपना होता है लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनके साथ भेदभाव किया है।
श्रीधर
