Thursday, August 27, 2026
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बीएचयू में एमए हिंदू अध्ययन कोर्स की पढ़ाई शुरू, दो वर्षीय डिग्री

वाराणसी (हि.स.)। बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में छात्र अब अपने पाठ्यक्रम में ही धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष के साथ ही रामायण और महाभारत भी पढ़ सकेंगे। विश्वविद्यालय में पहली बार एमए (हिंदू स्टडी) कोर्स की शुरूआत हुई है। इसमें छात्र पुनर्जन्म के बारे में भी पढ़ सकेंगे। पीजी स्तर पर कोर्स शुरू करने वाला बीएचयू देश का पहला विश्वविद्यालय बन गया है। विश्वविद्यालय के भारत अध्ययन केंद्र की ओर से तैयार पाठ्यक्रम में विद्यार्थी को 16 पाठ्यक्रमों का अध्ययन करना होगा, जिसमें 9 अनिवार्य हैं जबकि सात वैकल्पिक। पाठ्यक्रम की शुरुआत के साथ ही 21 जनवरी तक विशेष व्याख्यान के जरिये छात्रों को जेएनयू दिल्ली, आईआईटी कानपुर, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र वाराणसी के निदेशक विशेष जानकारियां देंगे।

भारत अध्ययन केंद्र के समन्वयक प्रो. सदाशिव द्विवेदी के अनुसार इस पाठ्यक्रम में 58 सीटों में कुल 46 छात्रों ने प्रवेश लिया है। 39 नियमित, एक विदेशी और छह पेड सीट के छात्र हैं। इसमें अनिवार्य पाठ्यक्रम को तीन भाग में बांटा गया है। सिद्धांत, नियम और अभ्यास शामिल है। दो वर्षीय डिग्री चार सेमेस्टर में पूरी होगी। पाठ्यक्रम में नियमित 40 सीट निर्धारित है। इसकी फीस 2590 रुपये प्रति वर्ष है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के छात्रों को सिर्फ 500 रुपये प्रतिवर्ष शुल्क देनें होंगे। इस पाठ्यक्रम में 06 पेड सीट हैं। इसमें निर्धारित 2590 रुपये के साथ 10 हजार रुपये और देने होंगे। कर्मचारियों का 06 सीट का कोटा है। उनके अभ्यर्थियों को 2590 रुपये शुल्क देने होंगे।

इस पाठ्यक्रम में 06 विदेशी छात्रों को भी प्रवेश मिलेगा। उनके लिए प्रतिवर्ष 49 हजार रुपये शुल्क निर्धारित की गई है। प्रो. द्विवेदी के अनुसार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से कराई गई प्रवेश परीक्षा में इस बार 265 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। रैंक और प्रवेश के नियमानुसार प्रवेश लिया जा रहा है। इस पाठ्यक्रम को साप्ताहिक चलाया जाएगा। इसमें बीएचयू के विभिन्न विभागों के शिक्षकों को भी जोड़ा जाएगा।

श्रीधर

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