बलरामपुर(हि.स.)। प्रतिबंधित मछलियों की बिक्री के रोकथाम को लेकर उतरौला क्षेत्र के विभिन्न बाजारों में मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने छापेमारी की। प्रतिबंधित मछलियां मिलने पर उसे नष्ट कराते हुए बिक्री कर रहे लोगों को विभाग द्वारा चेतावनी दी गई।
शनिवार को उतरौला, हिसामपुर, पकड़ी व रेहरा बाज़ार की मछली मंडियों में मत्स्य विभाग द्वारा औचक छापेमारी की गई। जिसमें भारी मात्रा में प्रतिबंधित थाई, मांगुर एवं बिग हेड की मछलियों की बिक्री करते पायी गई। अधिकारीयों ने प्रतिबंधित मछलियों को नष्ट कराते हुए मत्स्य विक्रेता ओमप्रकाश, पप्पू, आलोक, सोनू, सलमान आदि को पुनः इस प्रजाति की मछली न बेचने की चेतावनी दी।
इन मछलियों की बिक्री पर है रोक, स्वास्थ्य को खतरा
मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य रेवती रमण ने बताया कि थाई, मांगुर एवं बिग हेड प्राजाति के मछलियों का पालन, विपणन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। थाई, मांगुर कैटफ़िश प्रजाति की मछली है। इनमें भारी मात्रा में लेड पाया जाता है, जो ब्रेन कैंसर का कारक है। ये मछलियां देशी मांसाहारी प्रकृति की होती है जो भारतीय प्रजाति की मछलियों के लिए खतरा है। यह मछलियां पर्यावरण के लिए भी हानिकारक है ।
