कानपुर(हि.स.)। औद्योगिक नगरी में हो रहे विकास की लगभग 35 परियोजनाएं बजट न मिल पाने की वजह से लटकी हुई हैं। 909.13 करोड़ रुपये के लागत से शुरू हुई इन परियोजनाओं को वर्ष 2020 एवं 21 में पूरा होना था। अब तक शासन ने मात्र 778.70 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं। जबकि लगभग 130.40 करोड़ रुपये और मिलने के बाद ही परियोजनाएं पूरी हो सकेंगी।
कानपुर में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, आवास, पेयजल, बिजली की परियोजनाओं पर काम जारी है। इसकी लागत लगभग 50 करोड़ से अधिक है। निर्माण करने वाली एजेंसियां यूपीपीसीएल, सूडा, लोक निर्माण, राज्य सेतु निगम आदि का कार्य पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शहर में चल रही 35 परियोजनाएं दो वर्ष से बजट न मिलने के कारण पूरी नहीं हो पाई हैं।
चार वर्ष पूर्व जिला योजना के तहत लगभग 10 करोड़ से अधिक की आठ परियोजनाओं पर 204.21 करोड़ रुपये से काम होना था। शासन ने मात्र 154.55 करोड़ रुपये मुहैया कराया है। लगभग पांच करोड़ से अधिक तथा 10 करोड़ से कम की छह परियोजनाओं का काम 46.70 करोड़ रुपये से होना था। लेकिन शासन ने अबतक 18.93 करोड़ रुपये जारी किया है।
बजट न मिलने से 14 परियोजना नहीं हो सकी पूरी
सूत्रों की मानें तो सूडा विभाग की 11 आवासीय योजनाएं वर्ष 2009 में शुरू की गईं। बजट न मिल पाने के कारण पूरी नहीं हो सकीं। पुलिस विभाग के अग्निशमन केन्द्र का निर्माण कार्य वर्ष 2017 में शुरू किया गया था। यह भी बजट न मिलने की वजह से अबतक अटका हुआ है।
पकैंटोनमेंट बोर्ड का निर्माण 2016 में शुरू हुआ,सी एस ए में छात्रावास का निर्माण 2019 में शुरू हुआ, डूडा ने 2018 से आवास निर्माण शुरू किये, एचबीटीयू में 2017 से हॉल बन रहा है, पुलिस विभाग 2014 से आवास बनवा रहा है, माध्यमिक शिक्षा विभाग के ऑडिटोरियम का निर्माण अटका है, बैराज में सुरक्षा बांध का निर्माण 2016 में शुरू हुआ था। लेकिन अब तक अधूरा पड़ा हुआ है।
जिलाधिकारी विशाख जी कहना है कि परियोजनाओं को पूरा करने के लिए सभी विभागों ने शासन को बजट जारी करने के लिए शासन को पत्र लिखा है। कई कार्यदायी संस्था निर्माण कार्य करा रही हैं। जब शासन से बजट जारी होगा तो उन्हें दे दिया जाएगा। अतिशीघ्र सभी परियोजनाएं शुरू कर दी जाएगीं।
राम बहादुर
