– सभी ग्रामीणों की हुई जांच, 21 ग्रामीणों के लिए भरे गये सैंपल, परीक्षण के लिए भेजा लखनऊ
फतेहपुर (हि.स.)। जिले में शनिवार को जीका वायरस से संक्रमित व्यक्ति मिलने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और संदिग्ध पाए गए 21 ग्रामीणों का सैंपल लेकर परीक्षण के लिए लखनऊ भेजा।
तेलियानी विकासखण्ड के त्रिलोकीपुर गांव में जीका वायरस का पहला मामला मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। गांव निवासी राम प्रताप सिंह(35) की जांच रिपोर्ट में जीका वायरस की पुष्टि होने के बाद जिला अस्पताल की एक टीम गांव पहुंची और सभी ग्रामीणों की प्रारंभिक जांच करते हुए संदिग्ध मिले 21 व्यक्तियों के नमूने लिए।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जीका वायरस से पीड़ित मरीज राम प्रताप सिंह की हालत सामान्य पाए जाने पर उसे होम आइसोलेट किया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि तेलियानी ब्लॉक के त्रिलोकीपुर गांव निवासी राम प्रताप सिंह को काफी दिनों से बुखार आ रहा था। वह सोमवार को इलाज कराने जिला अस्पताल के ओपीडी वार्ड में आये थे। डॉक्टरों ने राम प्रताप का सैम्पल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेज दिया था। आज जब युवक की जांच रिपोर्ट आई तो उसमें जीका वायरस की पुष्टि हुई। रिपोर्ट आने के तुरंत बाद ही मैंने जिलाधिकारी के साथ त्रिलोकीपुर गांव का दौरा किया।
आगे बताया कि प्रशासन की तरफ से चार नोडल अधिकारी बनाए गए। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भी सर्वे, टेस्टिंग, मेडिकल कैंप और मलेरिया की चार टीमें बनाई गई हैं। टीम ने तत्काल 82 घरों का सर्वे किया है। बाकी बचे 290 घरों का सर्वे भी किया जा रहा है। गांव में मेडिकल कैंप लगाकर बुखार से पीड़ित रोगियों को दवाएं दी जा रही हैं। एडीओ पंचायत अशोक तिवारी 20 सदस्यीय सफाई दल के साथ गांव की साफ-सफाई व फॉगिंग करवा रहे हैं। इसके साथ ही तालाब, पोखरे और नाली में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है।
जिले में जीका वायरस का पहला केस मिलने के बाद जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की है। साथ ही, जीका वायरस से निपटने के लिए उन्होंने सभी तैयारियां करने को कहा है। जीका वायरस से पीड़ित मरीजों के लिए जिले में 61 बेड तैयार किए गए हैं। इन बेडों में सिम्पटोमैटिक उपचार किया जाएगा।
