वाराणसी (हि.स.)। अन्याय प्रतिकार यात्रा के दौरान हुए हिंसा मामले में आरोपित ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गुरुवार को अपने अधिवक्ताओं की मौजूदगी में जिला जज की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने शंकराचार्य की अंतरिम जमानत स्वीकार करते हुए 20 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंध पत्र पर रिहा करने का आदेश दिया। इस मामले में नियमित जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए जिला जज ने 23 दिसंबर की तिथि नियत की है।
इसके पहले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बटुकों और अधिवक्ताओं के साथ विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट में आत्मसमर्पण के लिए पहुंचे। अदालत रिक्त होने पर उन्होंने जिला जज की अदालत में आत्मसमर्पण किया।
गंगा में गणेश प्रतिमा विसर्जन पर अड़े स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद समेत अन्य लोगों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में पांच अक्टूबर 2015 को मैदागिन स्थित टाउनहाल मैदान से प्रतिकार यात्रा निकाली गई। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आगे-आगे भी एक जत्था चल रहा था। शाम करीब साढ़े चार बजे गोदौलिया चौराहे पर एक सांड के भड़कने से भगदड़ मच गई। इसी बीच मौका पाकर उपद्रवियों ने पहले पुलिस बूथ फिर एक सरकारी जीप में आग लगा दी। बवाल में एक मजिस्ट्रेट की जीप, फायर ब्रिगेड की गाड़ी व पुलिस वैन, लगभग दो दर्जन बाइक आग के हवाले कर दी गई। गोदौलिया तांगा स्टैंड पर दो पेट्रोल बम भी फेंके गए। पथराव में तत्कालीन एडीएम एमपी सिंह, सिगरा थानाध्यक्ष, पीएसी का एक जवान और एक टीवी चैनल का फोटोग्राफर गंभीर रूप से घायल हो गया। इस मामले में दशाश्वमेध थाने में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, सतुआ बाबा, महंत बालक दास, पूर्व विधायक अजय राय, पंकज सिंह उर्फ डब्ल्यू राय, अरुण पाठक, अजय चौबे, अमरनाथ यादव उर्फ डब्बल, असित दास समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार भी किया था।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अरेस्ट स्टे लिया था। आरोप पत्र आने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद समेत कई लोगों के खिलाफ पहले समन फिर वारंट जारी हुआ। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कोर्ट में पेश नहीं होने पर कुर्की का आदेश भी हुआ। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी, जो खारिज हो गई थी। इसी के बाद गुरुवार को अविमुक्तेश्वरानंद कोर्ट में हाजिर हुए और नियमित जमानत की अर्जी लगाई।
श्रीधर
