Saturday, March 14, 2026
Homeउत्तर प्रदेशपिछड़ों की लड़ाई कांग्रेस सड़क से सदन तक लड़ेगी : अजय लल्लू

पिछड़ों की लड़ाई कांग्रेस सड़क से सदन तक लड़ेगी : अजय लल्लू

लखनऊ। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने चाहे पिछड़े वर्ग के नौकरियों में आरक्षण का मामला हो, उच्च शिक्षा में आरक्षण का मामला रहा हो, उत्पीड़न का मामला रहा हो, पिछड़े वर्ग के हितों के लिए सड़क से सदन तक कांग्रेस ने संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि सपा और भाजपा एक दूसरे से मिली हुई है। अजय लल्लू शनिवार को उप्र कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग के प्रतिनिधियों की बैठक में बोल रहे थे।
इस दौरान पिछड़ा वर्ग विभाग के कार्यकारी अध्यक्ष एवं विधायक नरेश सैनी ने कहा कि पूरे प्रदेश में योगी की सरकार में पिछड़ों पर अत्याचार हो रहे हैं। उनके हक और अधिकार को छीनने का काम किया जा रहा है। ऐसे में पिछड़े वर्ग के लोगों को एकजुट होकर अपने हक और अधिकार के लिए संघर्ष करना होगा।
पिछड़ा वर्ग विभाग के एक अन्य कार्यकारी अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि पिछड़ा वर्ग विभाग के प्रदेश से लेकर ब्लाक स्तर तक व गांव-गांव तक संगठन बनाना है। पिछड़े वर्ग के लोगों को संगठित करना है। उन्होंने कहा कि मौजूदा भाजपा की सरकार आरक्षण पर ऐन-केन-प्रकारेण हमला कर उससे वंचित करने का कुत्सित प्रयास कर रही है। हम सभी लोगों को एकजुट होकर इस हमले के खिलाफ सड़कों पर उतरकर अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है।
बैठक में 15 सूत्रीय प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। जिसमें प्रमुख रूप से पिछड़े वर्ग को जनसंख्या के अनुपात में संसाधनों, सरकारी नौकरियों व सभी सार्वजनिक उपक्रमों में भागीदारी सुनिश्चित करना, वर्ष 2011 में कांग्रेस पार्टी के शासनकाल में कराई गई जातिगत जनगणना के आंकड़ों को जातिवार सार्वजनिक करना और वर्ष 2021 की जनगणना में जातिगत जनगणना भी कराना तथा उसके आंकड़ों को सार्वजनिक करने की मांग है।
इसके साथ ही पार्टी ने सभी सार्वजनिक उपक्रमों की नियुक्तियां स्थायी तौर पर करने की मांग की। प्रस्ताव में कहा गया कि मोदी सरकार द्वारा लगातार सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण किया जा रहा है, जिससे सभी संस्थानों पर पूंजीपतियों और शोषणकारी व्यवस्था के पोषक तत्वों का कब्जा हो रहा है। हम पिछड़े वर्ग के सभी प्रतिनिधि इसकी घोर निन्दा करते हैं और सरकार की मंशा को समझते हैं वह सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण करके लगातार पिछड़ों के आरक्षण को खत्म करने का प्रयास कर रही है। 
प्रस्ताव में कहा गया कि कांग्रेस पार्टी इस देश में गरीबी, भुखमरी, बेरोजगारी तथा लोगों की बेबसी को देखते हुए न्याय योजना का प्रस्ताव लायी थी, जिसके माध्यम से प्रत्येक परिवार को 6 हजार रुपये प्रतिमाह और साल भर में 72 हजार रुपये देने की व्यवस्था करने का वादा किया था। जो इस दौर में प्रासंगिक और लोगों के लिए जरूरी है। इसलिए इस न्याय योजना को लागू कराने के लिए पिछड़ा वर्ग विभाग संघर्ष करेगा। एक अन्य प्रस्ताव में कहा गया कि कांग्रेस पार्टी सभी वर्गों की पार्टी है। इसलिए हमारी मांग है कि संगठन, टिकट बंटवारे और महत्वपूर्ण पदों पर पिछड़े वर्ग की व्यापक जनसंख्या को देखते हुए व्यापक प्रतिनिधित्व दिया जाए। 

RELATED ARTICLES

Most Popular