-प्रधानमंत्री ने यूपी के पहले खेल विवि का मेरठ में किया शिलान्यास
-कार्यक्रम में उपस्थित 32 खिलाड़ियों से बातचीत कर बढ़ाया हौसला
-औघड़नाथ मंदिर में किए दर्शन, उसके बाद शहीदों को किया नमन
मेरठ (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि पहले की सरकारों में उत्तर प्रदेश में अपराधी अपना खेल खेलते थे। पहले यहां अवैध कब्जों के टूर्नामेंट होते थे। बेटियों पर फब्तियां कसने वाले खुलेआम घूमते थे। जबकि अब योगी सरकार अपराधियों के साथ जेल-जेल खेल रही है। डबल इंजन की सरकार युवाओं और क्षेत्र की सामर्थ्य बढ़ाने में लगी है। प्रधानमंत्री मोदी मेरठ जिले के ग्राम सलावा में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय के शिलान्यास के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब उप्र में असली खेल को बढ़ावा मिल रहा है। प्रदेश के युवाओं को दुनिया में छा जाने का मौका मिल रहा है। खेल विश्वविद्यालय के निर्माण से यहां खिलाड़ी पूरी दुनिया पर राज करेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरठ और आसपास के क्षेत्रों के लोग कभी भूल नहीं सकते कि लोगों के घर जला दिए जाते थे। पहले की सरकार अपने खेल में लगी रहती थी। पहले सरकारों के खेल का ही नतीजा था कि लोग अपना पुश्तैनी घर छोड़कर पलायन के लिए मजबूर हो गए थे। पांच साल पहले इसी मेरठ की बेटियां शाम होने के बाद अपने घर से निकलने से डरती थीं। आज मेरठ की बेटियां पूरे देश का नाम रोशन कर रही हैं। मेरठ के सोतीगंज बाजार में गाड़ियों के साथ होने वाले खेल का भी “दि एंड” हो रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरठ का रेवड़ी-गज्जक, हैंडलूम, ब्रासबैंड, आभूषण आदि के कारोबार यहां की शान हैं। मेरठ और मुजफ्फरनगर में छोटे और लघु उद्योगों के विस्तार के प्रयास किए जा रहे हैं। इसे सबसे आधुनिक रीजन बनाने का काम हो रहा है। दिल्ली से मेरठ की दूरी एक घंटे की रह गई है। गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से ही शुरू होगा। मेरठ की केनेक्टिविटी उत्तर प्रदेश के दूसरे शहरों से आसान बन रही है। देश का पहला रीजनल रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम मेरठ को दिल्ली से जोड़ रहा है।
पूर्ववर्ती सरकारों की आलोचना
प्रधानमंत्री ने खेलों की बदहाली के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की नीतियों की वजह से खेल-खिलाड़ियों को लेकर अच्छा नजरिया नहीं रहा। खुद को खिलाड़ी बताने पर युवाओं को हीन भावना का सामना करना पड़ता था। खेलों के बारे में नजरिया सीमित था। सामर्थ्य को महत्व नहीं दिया। सरकारों का दायित्व समाज में खेलों के प्रति सोच को बदलकर खेल को बाहर निकालने का था। हुआ इसके एकदम उलट। ज्यादातर खेलों के प्रति देश में बेरुखी बढ़ती गई। हॉकी जैसे खेल में दशकों तक पदक का इंतजार करना पड़ा। जब हम जागे तो बहुत देर हो चुकी थी। हर स्तर पर भाई भतीजाबाद, बिरादरी, भ्रष्टाचार, भेदभाव था और पादर्शिता का नामोनिशान नहीं था।
देशभर में खोले जा रहे खेल विवि
प्रदेश में डबल इंजन सरकार कई विवि की स्थापना कर रही है। महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विवि गोरखपुर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद विधि विवि प्रयागराज, लखनऊ में फोरेंसिक विवि, अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप विवि, सहारनपुर में मां शाकंभरी विवि बन रहे हैं। युवा रॉल मॉडल बनें और अपने मॉडल पहचानें भी। युवाओं को यह कहकर ना टाल दें। सरकार की भूमिका अभिभावक की होती है। यह कहकर ना टाल दें कि लड़कों से गलती हो जाती है। भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार दे रही है। लाखों युवाओं का इसका लाभ दिया गया है। अटल जयंती पर योगी सरकार विद्यार्थियों को टेबलेट, स्मार्टफोन दे रही है।
प्रधानमंत्री ने इन खिलाड़ियों से किया संवाद
प्रधानमंत्री ने टोक्यो ओलंपिक में हॉकी टीम के कांस्य पदक विजेता वाराणसी के ललित उपाध्याय, चंदौली के शिवपाल सिंह, मेरठ की प्रियंका गोस्वामी, अन्नू रानी, पैरा ओलंपियन विवेक चिकारा, बुलंदशहर के बॉक्सर सतीश कुमार, पैरा ओलंपियन रजत पदक विजेता शटलर सुहास एलवाई, गौतमबुद्धनगर के पैरा ओलंपियन रजत पदक विजेता प्रवीन कुमार, मुजफ्फरनगर की पैरा ओलंपयिन तीरंदाज ज्योति सिंह, इटावा के पैरा ओलंपियन एथलीट अजीत सिंह, संभल के पैरा ओलंपियन शूटर दीपेंद्र सिंह और बागपत के पैरा ओलंपियन शूटर आकाश से संवाद किया। इसके साथ ही जूनियन चैंपियनशिव जीतने वाली टीम के सदस्य लखनऊ के शारदानंद तिवारी, भदोही के अमित यादव, गोरखपुर के आदित्य सिंह, गाजीपुर के विष्णुकांत सिंह, उत्तम सिंह और उत्तम सिंह, लखनऊ के आमिर अली, प्रतीक निगम, विकास गौड़, मनीष साहनी और अरुण साहनी, वाराणसी के अंकित सिंह, सामर्थ प्रजापति और सूरत सिंह, गोरखपुर के राजन गुप्ता और जीत कुमार, प्रयागराज के मौ. जैद खान और मो. हारिश, झांसी के सौरभ आनंद, टीम कोच लखनऊ के विकास पाल और टीम मैनेजर इटावा के राजेश कुमार से बातचीत की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया।
कुलदीप/ पवन
