Saturday, April 4, 2026
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पश्चिमी विक्षोभ से पश्चिमी हिमालय पर होगी बर्फबारी, उप्र भी रहेगा प्रभावित

कानपुर (हि.स.)। उत्तरी पश्चिमी हवाओं के चलने से मानसून कमजोर पड़ गया और तापमान में भी वृद्धि होने लगी, हालांकि अभी भी तापमान सामान्य से नीचे चल रहा है। वहीं, दूसरी ओर हवाओं की दिशाएं अब उत्तर पूर्व हो गईं, साथ ही पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो गया। इससे पश्चिमी हिमालय पर बर्फबारी होने की संभावना बढ़ गई और इसका असर उत्तर प्रदेश सहित बिहार में भी पड़ेगा, यानी हल्की बारिश के साथ सर्दी बढ़ना शुरू हो जाएगी।

चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने रविवार को बताया कि पश्चिमी विक्षोभ केवल अक्टूबर और फरवरी के बीच पश्चिमी हिमालय को प्रभावित करते हैं। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ पूरे साल चलते हैं लेकिन गर्मी के महीनों में वे ऊपरी ऊंचाई पर यात्रा करते हैं। पश्चिमी हिमालय पर सर्दियों की बारिश और बर्फबारी आमतौर पर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण होती है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान में भी सर्दियों के महीनों में बारिश होती है। अब पहला सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ 18 अक्टूबर की रात तक पश्चिमी हिमालय के पास पहुंचने की उम्मीद है। 19 और 20 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। इन राज्यों के निचले जिलों में इस अवधि के दौरान छिटपुट बारिश हो सकती है।

डॉ. पांडेय ने बताया कि बारिश और बर्फबारी की तीव्रता बहुत अधिक नहीं होगी। न्यूनतम तापमान में मामूली वृद्धि होने की संभावना है, हालांकि दिन के तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। अब पश्चिमी विक्षोभ की तीव्रता और आवृत्ति धीरे-धीरे बढ़ेगी, दिसंबर और जनवरी के महीने में चरम तीव्रता की संभावना है। इसका असर कानपुर सहित पूरे उत्तर प्रदेश बिहार तक पड़ता है।

अजय

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