-17 मामलों में अब तक कोली को सुनाई जा चुकी है फांसी की सज़ा
गाजियाबाद(हि.स.)। विश्व स्तर पर बहुचर्चित नोएडा के निठारी कांड में एक छह वर्षीय बच्चे के अपहरण और हत्या के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने शुक्रवार को सुरेंद्र कोली को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। इससे पहले 12 मामलों में सीबीआई कोर्ट ने सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा सुना चुकी है। यह मामला सीबीआई के विशेष न्यायाधीश राकेश वशिष्ठ की अदालत में विचाराधीन था।
आज अदालत के आदेश के बावजूद सुरेंद्र कोली को राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। चूंकि शृंखलाबद्ध हत्याकाण्ड में कोली के खिलाफ सीबीआई ने कुल 17 मामले दर्ज किए गए थे। पिछले साल जनवरी में कोली के सहयोगी मोनिंदर सिंह पंढेर को एक मामले में बरी कर दिया था। अब तक सुरेंद्र कोली को 12 मामलों में फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है, जबकि पंढेर को तीन मामलों में बरी किया जा चुका है। आज एक छह वर्षीय बच्चे की अपहरण के बाद हत्या करने के मामले में सीबीआई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया और कोली को बरी कर दिया।
मासूम बच्चा नोएडा के निठारी गांव से साल 2006 में लापता हो गया था। इसके बाद उसके परिजनों ने नोएडा के सेक्टर-20 थाने में उसके अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। सीबीआई द्वारा दाखिल चार्जशीट में कोली पर इस मामले में बच्चे की हत्या और शव नाले में फेंकने का आरोप लगाया गया था।
फरमान अली
