बांदा (हि.स.)। नवागन्तुक जिलाधिकारी दीपा रंजन ने मंगलवार कोषागार कार्यालय बांदा में पहुंचकर कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाले महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं को धरातल तक पहुंचाया जायेगा तथा जन शिकायतों का समयबद्धता एवं गुणवत्ता के साथ निस्तारण किया जायेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की योजनाओं का जनता तक लाभ पहुंचाना पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि सभी सम्बन्धित अधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र पर ही निवास करेंगे और जनता की समस्याओं के निस्तारण के साथ अपने कार्य एवं दायित्वों का निर्वहन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जनपद में जो जनता के हित में नवाचारी कार्य संचालित हो रहे हैं, उनको आगे भी लगातार संचालित किया जायेगा।
जिलाधिकारी दीपा रंजन ने बताया कि इससे पूर्व बदायूं में जिलाधिकारी के रूप में कार्यरत रहीं हूं। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वि./रा. उमाकान्त त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी न्यायिक अमिताभ यादव, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे एम.पी.सिंह, मुख्य विकास अधिकारी वेद प्रकाश मौर्या, मुख्य कोषाधिकारी दिनेश बाबू, नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
आईएएस दीपा रंजन ने मसूरी से ट्रेनिंग के बाद अयोध्या में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, हापुड़ में चीफ डेवलपमेंट आफिसर, लखनऊ में एडीशनल हाउसिंग कमिश्नर के पदों पर अपनी सेवाएं दीं। दीपा रंजन अपने सरल स्वभाव एवं मधुरता के लिये तो जानी ही जाती हैं लेकिन भ्रष्ट अफसरों के लिये आफत के रूप में मशहूर हैं।
बदायूं में जिलाधिकारी के रूप में कार्यरत थीं। इस पद पर कार्य करने का उनका अनुभव करीब एक वर्ष नौ माह का है। वे कुशीनगर जिलाधिकारी रमेश रंजन की पत्नी हैं। वर्ष 2016 में विवाह के बाद ही उन्होंने अपना नाम दीपा अग्रवाल से बदलकर दीपा रंजन कर लिया था। उम्मीद है कि उनके प्रशासनिक नेतृत्व में प्रदेश का अति पिछड़ा यह जिला निश्चित ही सरकार की मंशा के अनुकूल विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा।
अनिल
