– दिव्यांगजन के लिये संचालित योजानाओं को आनलाइन किया जायेगा
लखनऊ (हि.स.)। दिव्यागंजन को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने हेतु भरण-पोषण अनुदान योजना की अनुदान राशि को बढ़ाकर प्रतिव्यक्ति 01 हजार रुपये प्रतिमाह दिया जा रहा है। दिव्यांगजन को भौतिक पुनर्वासन के दृष्टिगत कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण योजनान्तर्गत अधिकतम अनुदान की राशि को बढ़ाकर 10 हजार रूपये किया गया है।
दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण के साथ-साथ कृत्रिम अंग भी देने की व्यवस्था भी की गयी है। इसी तरह दिव्यांगजन के पुनर्वासन हेतु शल्य चिकित्सा अनुदान योजना अन्तर्गत प्रत्येक लाभार्थी अनुमन्य की अनुदान की धनराशि बढ़ाकर 10 हजार रूपये प्रति लाभार्थी किया गया है। यह बातें दिव्यांगजन एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने बुधवार को योजना भवन स्थित सभागार में दिव्यांगता पर गठित राज्य सलाहाकार बोर्ड की तृतीय बैठक को संबोधित करते हुए कही।
मंत्री ने बताया कि श्रवण बाधित दिव्यांगजनों को दिव्यांगता निवारण हेतु कॉक्लियर इम्प्लाण्ट योजनान्तर्गत अनुदान की धनराशि प्रति लाभार्थी प्रति इम्प्लाण्ट 06 लाख रुपये निर्धारित की गयी है। उन्होंने प्रदेश के समस्त विकास प्राधिकरणों एवं आवास-विकास परिषद के क्षेत्र में आने वाले सभी जनसुविधा केन्द्र, शौचालयों, मॉल आदि जैसे जनोपयोगी सार्वजनिक स्थलों को दिव्यांगजन हितैषी बनवाने का निर्देश दिया। उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों को दिव्यांगजनों को बसों से यात्रा करने में किसी प्रकार कि असुविधा न हो, इसके निर्देश दिये गये है।
दिव्यांगजन मंत्री ने दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के लिए ब्रेल पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराया जाना है। दिव्यांगजनों के तकनीकि आधारित कौशल विकास को प्रोत्साहन देना है।
दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने हेतु दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान योजनान्तर्गत प्रतिमाह पेंशन की धनराशि 01 हजार रूपये से बढ़ाकर 1500 रुपये किया जाना है। दिव्यांगजनों को कौशल विकास के पश्चात सुलभ ऋण उपलब्ध कराया जाना है।
मंत्री ने कहा कि डा0 शकुन्तला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय में बाधा रहित एवं समस्त सुविधाओं से युक्त विशिष्ट स्टेडियम स्थापित किया गया है। दिव्यांगजनों को सरकारी नौकरी में 04 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिये जाने, पदों के चिन्हाकन, आरक्षण हेतु सीधी भर्ती के पदों को चिन्हित करने आदि के संदर्भ में सरकार के संबधित विभागों द्वारा शासनादेश निर्गत किये गये हैं।
मंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के प्रवाभी क्रियान्वयन के दृष्टिगत राज्य सरकार द्वारा स्वायत्त शासी निकाय राज्य निधि का गठन किया गया है। वर्तमान में राज्य निधि में 25 करोड़ रुपये की धनराशि की व्यवस्था की गयी है। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वित होने के साथ-साथ ही पूर्व में निर्दिष्ट दिव्यांगता की श्रेणी में वृद्धि करते हुये 21 श्रेणियां कि गयी है।
बैठक में विधायक डॉ0 नीरज बोरा, डॉ0 मुकेश चन्द्र वर्मा, अपर मुख्य सचिव दिव्यांगजन सशक्तीकरण हेमन्त राव, राज्य आयुक्त अजीत कुमार, निदेशक दिव्यांगजन सत्यप्रकाश पटेल सहित बोर्ड के सदस्यगण एवं अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
बृजनन्दन
