प्रयागराज (हि.स.)। शहरी उपभोक्ताओं के बकाया बिलों में आधारित सरचार्ज पर 31 मार्च 2020 तक छूट प्रदान की गई है। साथ ही जलकल विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को राहत देने हेतु बिल तिथि से एक माह के अंदर जलमूल्य के बिल की कुल देय धनराशि पर 10 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की गई है।
महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने सोमवार को बताया कि उत्तर प्रदेश जल संभरण तथा सीवर व्यवस्था अधिनियम 1975 की धारा 52 की उपधारा 1 के तहत नगर निगम प्रयागराज द्वारा निर्धारित भवनों के वार्षिक मूल्यांकन के 12.5 प्रतिशत की दर पर जलकर की वसूली की जा रही है। 7.5 प्रतिशत वृद्धि के स्थान पर प्रत्येक 3 वर्ष बाद जलमूल्य में 5 प्रतिशत की वृद्धि किए जाने तथा प्रत्येक तीन वर्ष बाद जलमूल्य में की गई तीन बार की वृद्धि वित्तीय वर्ष 2013 के पश्चात जलमूल्य में अगले 10 वर्षों तक कोई वृद्धि नहीं किए जाने के शासनादेश के अनुपालन में 2023 तक कोई वृद्धि नहीं की जानी है।
नगर निगम प्रयागराज द्वारा भवनों का पुनरीक्षित बढ़े मूल्यांकन के आधार पर 2014-15 से उपभोक्ताओं द्वारा कह कर जमा किया जा रहा है। वृद्धि को लेकर विभाग द्वारा वर्तमान वित्तीय वर्ष से जलमूल्य में निर्धारित परिवर्तन होने की दशा में उपभोक्ताओं को परिवर्तित निर्धारित धनराशि का भुगतान करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इसको समाप्त करने के उद्देश्य से पूर्व में ही एक लैब कमेटी गठित कर दी गई है, जिसके द्वारा नए स्लैब का निर्धारण किया जाना है। वर्ष 2014-15 के मूल्यांकन के आधार पर पुराने व नए मूल्यांकन के अंतर के एरियर सहित बिलिंग किये जाने के कारण कोरोना के दृष्टिगत उपभोक्ताओं को राहत देते हुए बीते एक सितम्बर को कार्यकारिणी समिति की बैठक में 2014-15 से 2019-20 तक के एरियर की वसूली पर रोक लगाते हुए संशोधित बिल वर्तमान वित्तीय वर्ष से ही 2014-15 के वार्षिक मूल्यांकन के आधार पर बिलिंग की जाने की अनुमति प्रदान की गई है।
