-जायका के तहत फेज-1 में जलापूर्ति, सीवेज़ तथा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का कार्य पूर्ण
-जायका टीम लीडर सायको शीतिमारु भी शामिल हुए
वाराणसी(हि.स.)। मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी (जायका) के संयुक्त संयोजन समिति की बैठक हुई। बैठक में जायका के टीम लीडर सायको शीतिमारु ने वाराणसी शहर में जायका अन्तर्गत कराये गये विभिन्न कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया।
उन्होंने बताया कि जायका तहत के फेज-1 में जलापूर्ति, सीवेज़ तथा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। फ़ेज-2 के लिए कार्य योजना के साथ मार्च 2024 में कार्य पूर्ण किया जाएगा। बैठक में कमिश्नर ने बताया कि वाराणसी में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के साथ वेस्ट टू फर्टिलाइजर, वेस्ट टू चारकोल तथा टाटा कैंसर हॉस्पिटल अन्तर्गत मेडिकल वेस्ट के प्रबंधन के लिए भी कार्य किया जा रहा है। वाराणसी में स्थानीय जनसंख्या के साथ साथ पर्यटकों की एक विस्तृत जनसंख्या भी है । जिससे यहाँ कचरा उत्सर्जन अन्य शहरों से ज़्यादा है। परंतु वाराणसी में 700 मीट्रिक टन क्षमता के कचरे का प्रबंधन प्रतिदिन किया जा रहा है। बैठक में कूड़ा प्रबंधन के कार्य को और भी सुदृढ़ करने के लिए सफ़ाई कर्मियों तथा स्थानीय निवासियों में व्यावहारिक परिवर्तन के साथ ही कचरे के पृथकीकरण के लिए जन जागरूकता पर भी जोर दिया गया।
मंडलायुक्त ने बताया की वाराणसी में जी-20 सम्मेलन के आयोजन से एक सुनियोजित कार्य योजना एवं सकारात्मक व्यावहारिक परिवर्तन के साथ कार्य प्रारंभ किए जाने का स्वर्णिम अवसर है। ऐसे में अपशिष्ट जल का पुनरुपयोग काशी में प्रारंभ करना महत्त्वपूर्ण है। अपशिष्ट जल के ट्रीटमेंट के उपरांत इसे कार वाशिंग, टॉयलेट फ़्लश आदि कार्यों में उपयोग किया जा सकता है।
.कमिश्नर ने कहा कि वाराणसी नगर निगम को जायका के साथ संयुक्त प्रयास से विभिन्न नवीन कार्य व आधुनिक तकनीकी प्रारंभ करना चाहिए। जिससे यह मूलभूत सुवधाएँ और भी सुदृढ़ हो सके। शहर के गार्बेज कलेक्शन पॉइंट तथा गार्बेज कलेक्शन व्हीकल की नियमित सफ़ाई सुनिश्चित भी होनी चाहिए। नगर आयुक्त शिपु गिरी ने बैठक में कहा कि शहर के गार्बेज कलेक्शन व्हीकल के पार्किंग स्थल पर एक वाशिंग सेंटर का निर्माण कराया जाए। जिससे इनकी नियमित सफ़ाई सुनिश्चित की जा सके। बैठक में शहर में विभिन्न गतिमान तथा प्रस्तावित परियोजनाओं का विवरण प्रेज़ेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया गया ।
श्रीधर
