चित्रकूट । जिले की रगौली जेल में आपसी विवाद में एक बंदी ने दो अन्य कैदियों की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद में जेल सुरक्षाकर्मियों ने संक्षिप्त मुठभेड़ में बंदी को भी मार गिराया। आधिकारिक बयान के अनुसार मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों की एक जांच टीम गठित कर छह घंटे के अंदर रिपोर्ट मांगी थी,इसके आधार पर शासन ने जेल अधीक्षक और जेलर को निलंबित कर दिया है। पुलिस के अनुसार, चित्रकूट की जिला जेल में शुक्रवार को दो गिरोहों के बीच लड़ाई में गैंगस्टर अंशुल दीक्षित अंशु ने दूसरे गिरोह के बदमाशों मुकीम काला और मेराजुद्दीन उर्फ मेराज अली की गोली मारकर हत्या कर दी।
अपर मुख्य सचिव गृह व कारागार अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि घटना की जांच रिपोर्ट के आधार पर चित्रकूट जेल के अधीक्षक एसपी त्रिपाठी और जेलर महेंद्र पाल को निलंबित कर दिया गया है। यह पूछे जाने पर कि क्या और जेलकर्मी भी मामले में दोषी मिले हैं, उन्होंने बताया कि अन्य जेल कर्मियों पर भी कारागार महानिदेशक द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच शासन स्तर से जिला कारागार कासगंज के अधीक्षक अशोक कुमार को जिला कारागार चित्रकूट का जेल अधीक्षक और जिला कारागार अयोध्या के जेलर सीपी त्रिपाठी को जिला कारागार चित्रकूट का जेलर बनाया गया है। दो अन्य वरिष्ठ जेल अधिकारियों के भी कार्यक्षेत्र में फेरबदल हुआ है। दिन में एक सवाल के जवाब में जेल अधिकारी ने बताया था कि दोनों गिरोहों के बीच हो रहे झगड़े का बीच-बचाव करने गए एक सुरक्षाकर्मी का सर्विस रिवाल्वर छीनकर बंदी दीक्षित ने अन्य दो कैदियों पर गोली चलाई जिसमें उनकी मौत हो गई। देर दिन में पुलिस महानिरीक्षक (चित्रकूट परिक्षेत्र) के. सत्यनारायण से सवाल करने पर उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन इस मामले की जांच कर रहा है कि बंदी के पास जेल में हथियार कहां से आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच के लिए टीम गठित की थी और कारागार महानिदेशक से तत्काल मामले की रिपोर्ट मांगी थी।
चित्रकूट जेल मामले पर एक्शन, जेल अधीक्षक और जेलर निलंबित
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