Tuesday, April 14, 2026
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गौशाला में आधा सैकड़ा गोवंशों की मौत से मचा हड़कंप, अधिकारी मौन

बांदा (हि.स.)। प्रदेश में योगी सरकार द्वारा गोवंशों के संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वही गौशालाओं का संचालन करने वाले संचालकों की लापरवाही से बड़ी संख्या में गोवंश खानपान व इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। ताजा मामला नरैनी तहसील अंतर्गत सियारपाखा गांव में स्थित कान्हा गौशाला का है। जहां भूख व ठंड से आधा सैकड़ा गोवंशों की मौत हो गई। जिन्हें खुले में फेंक दिया गया है।

जिले में जहां एक और अन्ना गोवंश ठंड व भूख के कारण बेमौत मर रहे हैं। वही जिले के कई गौशालाओं में खंडवा भूख के कारण गोवंश हॉकी मौत की खबरें आती रही हैं। प्रशासनिक अधिकारी इनका गोशालाओं का दौरा भी करते हैं और मीडिया में आ रही इन खबरों को झूठा साबित करते हैं। जबकि प्रतिदिन गौशालाओं में गोवंश दम तोड़ रहे हैं। ताजा उदाहरण नरैनी तहसील के सीआर पार्क गांव का है जहां एक-एक करके ठंड में आधा सैकड़ा गोवंशों की मौत हो गई जिनकी लाशें एक गड्ढे में डाल दी गई। जिन्हें जंगली जानवर व कुत्ते खा रहे हैं।

यह खुलासा तब हुआ जब विश्व हिंदू गौ रक्षा समिति के तहसील अध्यक्ष सोनू करवरिया ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। उनका कहना है कि इस बारे में नरैनी विकास खंड अधिकारी प्रमोद कुमार से बात की गई तो उन्होंने जवाब दिया की हमें इस बारे में जानकारी नहीं दी गई है। वहीं डॉ अभिषेक सिंह का कहना है कि इन गोवंशों की मौत स्वाभाविक और उम्र दराज होने के कारण हुई है। सोनू करवरिया ने कहा कि इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए हम जिलाधिकारी को अवगत कराएंगे।

अभी पिछले वर्ष इसी तहसील के अंतर्गत बड़ी संख्या में गोवंशों की मौत हुई थी। इनमें जो बीमार और लाचार गोवंश थे उन्हें जिंदा ही दफन कर दिया गया था। अब यह दूसरा मामला प्रकाश में आया है। जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया है लेकिन इस बारे में अभी अधिकारियों की ओर से किसी तरह का अधिकृत बयान नहीं आया है। उधर, बबेरू तहसील के पाली गांव में भी 8-10 गोवंशों की मौत हो गई है।

अनिल

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