भारत आगामी टोक्यो ओलंपिक में पहली बार दो ध्वजवाहकों के साथ उतर सकता है इसमें एक पुरुष जबकि एक महिला होगी। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने कहा कि ‘लैंगिक समानता’ का संदेश देने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। बत्रा ने साथ ही यह भी कहा कि अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। यह मामला अब भी सलाह मशविरे के चरण पर है लेकिन संभावना है कि इस साल लैंगिक समानता के लिए दो ध्वजवाहक- एक पुरुष और एक महिला शामिल होंगे।
गौरतलब है कि पिछले रियो ओलंपिक खेलों में ध्वजवाहक देश के एकमात्र ओलंपिक व्यक्तिगत स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा थे। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने पिछले साल अपने कार्यकारी बोर्ड की बैठक में उद्घाटन समारोह के दौरान दोनों लिंग के ध्वजवाहकों को शामिल करने का प्रावधान किया था।
तब आईओसी प्रमुख थॉमस बाक ने कहा था कि आईओसी के कार्यकारी बोर्ड ने फैसला किया है कि पहली बार ओलंपिक खेलों में हिस्सा ले रही सभी 206 टीमों और आईओसी शरणार्थी ओलंपिक टीम में कम से कम एक पुरुष और एक महिला खिलाड़ी होगी। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त अपने नियमों में बदलाव किया है जिससे कि राष्ट्रीय ओलंपिक समितियां एक पुरुष और महिला खिलाड़ी को नामित कर सकें जो उद्घाटन समारोह के दौरान संयुक्त रूप से उनके ध्वजवाहक बनें। हम सभी राष्ट्रीय ओलंपिक समिति को प्रेरित करेंगे कि वे इस विकल्प का इस्तेमाल करें। टोक्यो खेलों का उद्घाटन समारोह 23 जुलाई को होगा। इन खेलों में भारत के 100 से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे।
खेल : ओलंपिक में दो ध्वजवाहकों के साथ उतरेगा भारत
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