कानपुर (हि.स.)। कृषि मैप ऐप किसानों के फसलों का दैवीय आपदा के कारण होने वाले फसल नुकसान का आकलन करने के उपरांत फसल बीमा के अंतर्गत क्षतिपूर्ति में सहायक सिद्ध होगा। यह जानकारी शुक्रवार को जियो प्लाटिंग एवं मैपिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम में चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कानपुर के मीडिया प्रभारी डॉ.खलील खान ने दी।
उन्होंने बताया कि सीएसए से संबद्ध कृषि विज्ञान केंद्र दलीप नगर के माध्यम से कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, गन्ना विकास निदेशालय, भारत सरकार, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के निदेशक एवं नोडल अधिकारी डॉ वीरेंद्र सिंह एवं तकनीकी सहायक संजीव कुमार सिंह तथा कृषि विज्ञान केंद्र दिलीप नगर के वैज्ञानिक डॉक्टर राजेश राय, डॉक्टर अरुण कुमार सिंह एवं डॉक्टर शशिकांत की संयुक्त टीम द्वारा संचालित समूह बद्ध अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन (सीएफएलडी) हेतु कृषि मैप ऐप के प्रयोग का प्रशिक्षण ग्राम सहता वनपुरवा, औरंगाबाद में उप योजना के अंतर्गत प्रस्तावित तिलहन एवं दलहन फसलों का जियो प्लाटिंग हेतु नमूना करके दिखाया गया।
केंद्र के वैज्ञानिकों ने बताया कि यह ऐप किसानों के फसलों का दैवीय आपदा के कारण होने वाले फसल नुकसान का आकलन करने के उपरांत फसल बीमा के अंतर्गत क्षतिपूर्ति में सहायक सिद्ध होगा। इस मौके पर गांव के छून्ना लाल, कन्हैयालाल के साथ अन्य लोग मौजूद रहे।
राम बहादुर/मोहित
