Monday, April 6, 2026
Homeउत्तर प्रदेशकिसानों के उत्थान और प्रगति का प्रतीक है ट्रैक्टर : कामेश्वर सिंह

किसानों के उत्थान और प्रगति का प्रतीक है ट्रैक्टर : कामेश्वर सिंह

धरने पर बैठे किसान नहीं, यूनियन के पदाधिकारी हैं: भाजपा

मऊ (हि.स.)। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर सिंह के नेतृत्व में मंगलवार को नगर के सोनी धापा के मैदान से कलेक्ट्रेट तक किसान ट्रैक्टर रैली निकाली गई। जिसमें काफी संख्या में किसान मोर्चा के कार्यकर्ता ट्रैक्टर के साथ शामिल हुए।

कृषि कानूनों में विरोधाभास को लेकर के तमाम किसान संगठनों की तरफ से हो रहे आंदोलनों के बीच भाजपा किसान मोर्चा ने 16 नवंबर से 30 नवंबर तक किसान ट्रैक्टर रैली का शुभारंभ मऊ जिले के नगर क्षेत्र के सोनी धापा मैदान से कलेक्ट्रेट तक किया। किसान ट्रैक्टर रैली का नेतृत्व भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर सिंह ने किया। किसान ट्रैक्टर रैली में सैकड़ों की संख्या में सम्मिलित ट्रैक्टरों को प्रदेश अध्यक्ष ने हरी झंडी दिखाकर सोनीधापा के मैदान से कलेक्टर तक रवाना किया। इसके बाद उन्होंने मीडिया को भी संबोधित किया।

मीडिया को संबोधित करते हुए भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर सिंह ने कहा कि किसान मोर्चा 16 से 30 नवंबर तक सभी जिलों में विशाल किसान ट्रैक्टर रैली निकालेगी, जिसका शुभारंभ पूर्वी उत्तर प्रदेश के मऊ से आज किया गया है।

कहा कि ट्रैक्टर किसानों के उत्थान और प्रगति का प्रतीक है, इसलिए किसान मोर्चा किसानों को शौर्यशाली, प्रगतिशाली और उन्नति का संदेश देने के लिए विशाल ट्रैक्टर रैली निकाल रही है। जिसका शुभारंभ 16 नवंबर को मऊ से हुआ है और इसका समापन 30 नवंबर को बिजनौर में किया जाएगा।

मीडिया के प्रश्नों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि किसानों के बीच कोई नाराजगी नहीं है। किसान आंदोलन का मायाजाल का भ्रम फैलाया जा रहा है। इन आंदोलनों को न किसानों का समर्थन प्राप्त है और ना ही जनता का। कुछ असंतुष्ट, सरकार से पराजित, विपक्ष के लोग मुद्दा विहीन होकर किसान आंदोलनों के नाम पर किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर चलाने का प्रयास कर रहे हैं। आंदोलन के नाम पर धरने पर बैठे किसान नहीं बल्कि किसान यूनियन के पदाधिकारी हैं। इस साल दो ही ट्रैक्टर रैली निकली। एक रैली वह थी, जो तिरंगा को अपमानित करने के लिए लाल किला पहुंची थी और दूसरी हमारी ट्रैक्टर रैली है, जो भारत को विश्व का नेता बनाने के लिए निकल रही है।

कृषि कानूनों पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि हमारी सरकार 11 बार किसान प्रतिनिधियों से बात कर चुकी है और आज पुनः मंच के माध्यम से कहना चाहता हूं कि अगर कृषि कानूनों में कोई कमी हो तो बताएं और सुझाव दें लेकिन वह कमी नहीं बताते हैं। अन्य राजनीतिक दलों के आंदोलनों पर उन्होंने कहा कि यह देश वृहद लोकतांत्रिक व्यवस्था का देश है। कोई भी प्रशासन से अनुमति लेकर कोई भी कार्यक्रम कर सकता है।

RELATED ARTICLES

Most Popular