– छह डिग्री गिरा तापमान, बढ़ी गलन
कानपुर (हि.स.)। जनवरी माह में आमतौर पर होने वाली बारिश इस बार अब तक नहीं हुई। इसके पीछे पश्चिमी विक्षोभ की कम तीव्रता रही, लेकिन अब तेज तीव्रता वाला पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इससे कानपुर मण्डल में 23 जनवरी से तीन दिन के लिए बारिश के आसार बन गये हैं। इसके साथ ही बर्फीली हवाओं के चलने से सोमवार को न्यूनतम तापमान छह डिग्री गिरकर दो डिग्री पहुंच गया और गलन बढ़ गई।
चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एस एन सुनील पाण्डेय ने बताया कि सर्दी का मौसम अब जल्द ही खत्म होने वाला है, लेकिन हमने अब तक उत्तरी मैदानी इलाकों में बारिश की कोई महत्वपूर्ण गतिविधि नहीं देखी है। सर्दियों की बारिश नवंबर और दिसंबर के महीने के साथ-साथ जनवरी के दौरान भी आम है। 11 से 14 जनवरी के बीच पंजाब, हरियाणा और उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में छिटपुट हल्की बारिश हुई और दिल्ली और राजस्थान में अलग-अलग जगहों पर बारिश हुई।
सर्दियों की बारिश की कमी का कारण पश्चिमी विक्षोभ की कम तीव्रता को माना जा सकता है। जब भी कोई तीव्र पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय के पास पहुंचता है, तो यह आमतौर पर उत्तरी मैदानों पर एक चक्रवाती परिसंचरण उत्पन्न करता है जो सर्दियों की बारिश के लिए जिम्मेदार होता है। पश्चिमी विक्षोभ की एक श्रृंखला के 19 से 26 जनवरी के बीच पश्चिमी हिमालय तक पहुंचने की उम्मीद है।
23 जनवरी के आसपास हरियाणा और उत्तरी राजस्थान में एक चक्रवाती परिसंचरण विकसित होने की उम्मीद है। 23 से 25 जनवरी के बीच पंजाब, हरियाणा, कानपुर मण्डल सहित उत्तर प्रदेश, उत्तरी मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है। इसके साथ ही कानपुर मण्डल सहित उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों तक पाला भी पड़ सकता है।
कानपुर में अधिकतम तापमान 18.4 और न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह की सापेक्षिक आर्द्रता 90 और दोपहर की सापेक्षिक आर्द्रता 45 प्रतिशत रही। हवाओं की दिशाएं उत्तर पश्चिम रहीं जिनकी औसत गति 4.2 किमी प्रति घंटा रही।
अजय सिंह
