कानपुर देहात (हि.स.)। जनपद की जिलाधिकारी बुधवार को एक्शन मोड में दिखाई पड़ी। जहां पर उन्होंने सुबह से ही कार्यालय से निकलकर ऑटो स्टैंड से लेकर अमृत सरोवर जैसे कई जगह पर औचक निरीक्षण किया। उनको जहां खामियां मिली वहां पर संबंधित जिम्मेदार को कड़ी चेतावनी भी दी है। जिलाधिकारी के रवैये से बेपरवाह कर्मचारियों में हड़कम्प मचा हुआ है।
जिलाधिकारी नेहा जैन अपने काम के तरीके से जनपद में अपनी अलग छाप छोड़ रही हैं। वह किसी भी समय जनपद में जनपद का हाल जानने निकल पड़ती हैं। इसी कड़ी में बुधवार सुबह वह अपने आवास से निकल कर अकबरपुर चौराहे पहुंच गईं। वहां पर सुबह से ही अवैध ऑटो स्टैंड चलने लगते हैं जहां पहुंचकर उन्होंने वहां की हकीकत जानी।
उन्होंने ऑटो चालकों को सख्त हिदायत दी है कि वह अवैध रूप से स्टैंड का निर्माण ना करें इन्हें पार्किंग पर ही ऑटो को खड़ा करें ऐसा न करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उप जिलाधिकारी वागीश कुमार शुक्ला को आदेश दिया है कि स्टैंड को अवैध न बनने दिया जाए। इसी के साथ वह किसरवल के गौ संरक्षण केन्द्र भी पहुंची, जहां पर उन्होंने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्र में 188 गोवंश मिले जिनकी देख रेख का भी उन्होंने निरीक्षण किया। जिलाधिकारी द्वारा यहां हरिशंकरी पौधों को भी लगाया गया। वहीं, केंद्र को बड़ा बनाने और गौ वंशो को हरा चारा देने के निर्देश दिये। इसी के साथ अकबरपुर तहसील के मसोथा गांव में पहुंच कर उन्होंने तालाब के जीर्णोद्धार और अमृत सरोवर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उनको पता चला कि अमृत सरोवर तालाब में करीब 12 जॉब कार्ड धारक मजदूर कार्ड कर रहे हैं। जिस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने खंड विकास अधिकारी, रोजगार सेवक को निर्देशित किया कि इसमें एक्टिव जॉब कार्ड धारक मजदूरों को ज्यादा से ज्यादा प्राथमिकता दी जाए। जिससे अमृत सरोवर का कार्य और जल्द हो सके। वही, मजदूरों का समय से भुगतान भी किए जाने की बात भी उनके द्वारा कही गई। इसी के साथ ही उनकी उपस्थिति एमआईएस पोर्टल पर जरूर की जाए।
जिलाधिकारी द्वारा एक साथ कई जगह निरीक्षण से उन सभी लापरवाह कर्मचारियों का पसीना छूट गया है जो काम नही कर रहे हैं। सभी ने अपने काम को सुव्यवस्थित करना शुरू कर दिया है। कहीं जिलाधिकारी का निरीक्षण उनके यहां न हो जाये।
अवनीश
