कन्नौज। कश्मीर के सुंदर वन पाकिस्तान सीमा पर तैनात बीएसएफ के शहीद जवान वीरपाल सिंह का पार्थिव शरीर उनके गृह जनपद कन्नौज के गांव भिग्गीपुरवा पहुंचा। शहीद के अंतिम दर्शन करने के लिए गाव में हुजूम उमड़ पड़ा। शहीद के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। शहीद को अंतिम विदाई देने पहुचे अधिकारियों ने शहीद की अर्थी को कंधा दिया।
इसके बाद अंत्येष्ठि स्थल पर शहीद जवान को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गयी। इस मौके पर प्रदेश सरकार के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा भाजपा सांसद सुब्रत पाठक डीएम राकेश कुमार मिश्रा पुलिस अधीक्षक अमरेन्द्र प्रसाद सिंह भी मौजूद रहे।
बीएसएफ जवान वीरपाल सिंह देश की सीमा की सुरक्षा करते हुए बुधवार को शहीद हो गए। शहीद वीरपाल सिंह जम्मू कश्मीर के सुंदर वन में तैनात थे, सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए वह अपने साथियों के साथ पाकिस्तान बॉर्डर पर पेट्रोलिंग कर रहे थे तभी ऊंची पहाड़ी से उनका पैर फिसल गया और वह 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरे। गम्भीर हालत में शहीद जवान को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां 2 सितंबर की रात जवान ने दम तोड़ दिया। शहीद वीरपाल सिंह अपने पीछे एक बेटा तीन बेटियों को छोड़कर चले गए।
वीरपाल सिंह 1995 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे वह जनवरी में गाव आये थे और फरवरी में बेटी की शादी कर वापस कश्मीर लौट गए थे। वीरपाल को भाजपा व समाजवादी पार्टी के नेताओं ने पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी।
सहकारिता मंत्री मुकुट विहारी वर्मा ने बताया कि शहीद के परिवार के खाते में 50 लाख रुपये की सहायता राशि भेज दी गयी है। परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी। साथ ही जो अन्य मदद है वह भी की जाएगी। शहीद के बड़े बेटे वीरापल ने चिता को मुखाग्नि दी। मुखाग्नि के समय हजारों संख्या में मौजूद लोगो ने भारत माता की जय के नारे लगाए।
कन्नौज का लाल पंचतत्व में विलीन, राजकीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार
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