Wednesday, March 4, 2026
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उप्र विधानसभा चुनाव तक चलता रहेगा जिन्ना का जिन्न

-जिन्ना वाले बयान पर भाजपा लगातार अखिलेश पर हमला बोल रही भाजपा

लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले ही राजनीतिक दल सियासी गुणागणित में लग गये हैं। सभी अपने-अपने तरकश शब्दवाण चला रहे हैं। सपा मुखिया व उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पिछले दिनों पूर्वांचल में अपनी विजय रथ यात्रा के दौरान देश का विभाजन कराने वाले मोहम्मद अली जिन्ना की तुलना गांधी, नेहरू और पटेल से कर डाली। वह भी तब जब पूरा देश सरदार पटेल की जयंती मना रहा था। जिन्ना वाले बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने अखिलेश यादव पर करारा पलटवार किया। उस वक्त अखिलेश की बोतल से जिन्ना का जिन्न निकला रुकने का नाम नहीं ले रहा है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा इस समय उप्र के दौरे पर हैं। इस दौरान वह इस बयान को लेकर अखिलेश यादव पर तीखा हमला कर रहे हैं। सोमवार को उन्होंने गोरखपुर क्षेत्र के करीब 28 हजार बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन में बिना नाम लिए प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि बूथ अध्यक्ष मोदी-योगी सरकार की उपलब्धियों के साथ ही “जिन्नावादियों” की संकीर्ण सोच भी जनता के सामने बेनकाब करें।

चंपा देवी पार्क मैदान में आयोजित सम्मेलन में नड्डा ने कहा कि भाजपा जहां महात्मा गांधी और सरदार पटेल को याद करती है, वहीं कुछ लोग चुनाव आते ही जिन्ना को याद करने लगे हैं। जिन्ना जैसे संकीर्ण विचार वाले नेताओं का नाम लेकर राजनीति करने वाले लोगों की सोच भी जनता तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने बूथ अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं से कहाकि घर-घर जाकर यह संदेश दीजिए कि जिन्नावादियों को घर बैठाइए और बीजेपी के विकासराज से खुद को जोड़िए।

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अंशू अवस्थी कहते हैं प्रदेश में चारों तरफ हाहाकार मचा है। बेरोजगारी चरम पर है। अपराध बढ़ते जा रहे हैं। सरकार में होने के बावजूद भाजपा को उसकी चिंता नहीं कि कैसे समस्याएं दूर की जाएं, लेकिन गैर जिम्मेदाराना बयान और बयान देने वालों को लेकर बड़ी चिंता है। उसका कारण साफ है कि जिन्ना का बीजेपी का पुराना याराना है। जनता सब समझ रही है। 2022 में बीजेपी सरकार को जनता सत्ता से बाहर कर सबक सिखाने जा रही है।

भाजपा प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि जिन्ना तो मूलत: कांग्रेसी थे। बंटवारे की नींव रखने के बाद वह कांग्रेस से अलग हुए। सच यह है कि कांग्रेस हो या सपा, सबका एक ही चरित्र है। चुनाव आता है तो जिन्ना की शरण ले लेते हैं। जिन्ना ही नहीं अपने लोगों से पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगवाने लगते हैं। या फिर देश विरोधी नारा लगाने वालों के साथ खड़े हो जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में अंसारी और अतीक की शरण में कांग्रेस और सपा चली जाती है। भाजपा प्रवक्ता दुबे कहते हैं कि देश की जनता कांग्रेस को और प्रदेश की जनता सपा-कांग्रेस दोनों को समझ चुकी है। यह बात ये लोग समझ गये हैं। 2022 में सामने आ जाएगा।

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