– प्रदेश में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में विदेशी कर रहे निवेश
लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश उद्योगपतियों का पसंदीदा राज्य बन गया है। यहां मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बड़ा निवेश हो रहा है। प्रदेश को मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 13408.19 करोड़ के 98 निवेश प्रस्ताव मिले हैं। यह बातें गुरुवार को राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने कही।
प्रवक्ता ने कहा कि मात्र चार साल पहले तक उद्योगपतियों के लिए भय, दहशत और आशंकाओं का पर्याय रहा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में तेजी से बदला है। पहले जो उद्योगपति गुंडों तथा लालफीताशाही के नाते यहां निवेश करने से घबराते थे, अब वही उद्योगपति राज्य में करोड़ों की फैक्ट्रियां लगा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश और विदेश के नामी उद्योगपति इंफ्रास्ट्रक्चर, फूड प्रासेसिंग, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग, रीयल एस्टेट, पावर तथा मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में बढ़ चढ़ कर निवेश कर रहे हैं। इस सेक्टर में साढ़े तीन वर्षों के दौरान 13408.19 करोड़ के 98 निवेश प्रस्ताव आना इसके सबूत हैं।
उन्होंने बताया कि दस प्रस्ताव विदेशी निवेशकों के हैं, जो राज्य में 4250 करोड़ का निवेश करना चाहते हैं। सूबे में बड़ी मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए देशी कंपनियों के जो 88 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, उनमें 22028 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। 88 में से 66 बड़े उद्योगपतियों को सरकार ने जमीन मुहैया करा दी है। इनमें से अधिकांश में निर्माण कार्य पूरा होकर उत्पादन होने लगा है। इसके अलावा 26 बड़े उद्योगपति अपनी फैक्ट्री के निर्माण सम्बंधी कार्रवाई कर रहे हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि कोवस्ट्रो आईपी गौतमबुद्ध नगर (नोयडा) में 800 करोड़ का निवेश प्लास्टिक उत्पादन की यूनिट लगाने में कर रही हैं। इसी प्रकार अल्ट्राटेक कम्पनी 600 करोड़ का निवेश कर प्रयागराज में सीमेंट की फैक्ट्री लगा रही है। स्पर्श इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड ने 600 करोड़ और रिमझिम इस्पात ने 550 करोड़ का निवेश कानपुर देहात में किया है।
इसी तरह डीसीएम श्रीराम 361 करोड़ का निवेश कर हरदोई में चीनी मिल लगा रही है। केंट आरओ सिस्टम्स लिमिटेड ने 300 करोड़ का निवेश गौतमबुद्धनगर, पीटीसी इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने लखनऊ में 205 करोड़ का निवेश किया है। एमएम फॉरगिंग्स प्राइवेट लिमिटेड ने 150 करोड़ का निवेश बाराबंकी में किया है।
वहीं, पासवर पेपर्स ने मेरठ में 351 करोड़ का, सिल्वरस्टोन ने मुजफ्फरनगर में 180 करोड़ निवेश पेपर मिल लगाने में किया है। इन सभी कंपनियों ने उत्पादन भी शुरू कर दिया है। इसके अलावा कनोडिया ग्रुप अमेठी में 1200 करोड़ तथा जेके सीमेंट लिमिटेड अलीगढ़ में 650 करोड़ का निवेश सीमेंट की फैक्ट्री लगाने में कर रहे हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि जिस राज्य में बेहतर औद्योगिक माहौल होता है, उसी राज्य में उद्योगपति अपनी मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट लगाने पर ध्यान देते हैं। मुख्यमंत्री योगी द्वारा औद्योगिक नीतियों में किए गए बदलाव और राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए तैयार किए गए अनुकूल माहौल के चलते ही मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर तेजी से पांव फैला रहा है।
उप्र : मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मिले 13408.19 करोड़ का निवेश
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