Wednesday, February 11, 2026
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उप्र में 70 लाख किसानों को एमएसपी का मिला फायदा : सूर्य प्रताप शाही

-अखिलेश सरकार की तुलना में कई गुना ज्यादा हुई अनाज खरीद
-योगी सरकार के चार साल पूरा होने पर कृषि मंत्री ने गिनाई विभाग की उपलब्धियां
लखनऊ (हि.स.)। योगी सरकार के चार वर्ष पूरा होने के मौके पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बुधवार को विभाग की उपलब्धियों को मीडिया के सामने रखा। किसान आन्दोलन और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर जारी सियासत के बीच कृषि मंत्री ने दावा कि योगी सरकार में लगभग 70 लाख किसानों को एमएसपी का फायदा मिला है।इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछली सपा सरकार की तुलना में वर्तमान सरकार ने किसानों से कहीं ज्यादा अन्न खरीद करने का रिकार्ड बनाया है। सपा सरकार में अन्नदाताओं से 12,808 करोड़ रुपये का क्रय किया गया, जबकि योगी सरकार ने 37,539 करोड़ की खरीद की।पहली कैबिनेट बैठक में 86 लाख किसानों का कर्ज माफकृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पहले दिन से ही अन्नदाता किसानों के लिए समर्पित रही है और उनके जीवन में खुशहाली व समृद्धि कैसे आए, इसके लिए मिशन मोड पर काम शुरू किया गया। राज्य सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में ही 86 लाख लघु व सीमान्त किसानों के एक लाख तक की कर्ज माफी का फैसला किया गया, जो कुल 36 हजार करोड़ रुपये का था।दूसरी कैबिनेट बैठक मेंं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 50 लाख मैट्रिक टन गेहूं खरीद का फैसलाउन्होंने कहा कि दो वर्ष के भीतर सरकार ने इसका क्रियान्वयन किया। इसके साथ ही दूसरी बैठक में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अनाज खरीदने का फैसला किया गया। इसके अन्तर्गत 50 लाख मैट्रिक टन गेहूं की खरीद का निर्णय किया गया। वहीं 20 रुपये अलग से किसानों को ​छिनाई के लिए भी देने की पहल की गई। उस साल राज्य के भीतर 33 लाख मीट्रिक टन से भी ज्यादा गेहूं सरकारी एजेंसियों के जरिए खरीदा गया। चार वर्ष में 66,557 करोड़ 39 लाख रुपये के धान व गेहूं की हुई खरीदकृषि मंत्री ने कहा कि बीते चार वर्षों के भीतर प्रदेश में 66,557 करोड़ 39 लाख रुपये के धान और गेहूं को किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा गया है। इसमें हम लोगों ने 31.88 लाख किसानों से 254 लाख 58 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद दी। वहीं 33.45 लाख किसानों से 162 लाख 71 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदारी की गई। उन्होंने कहा कि यानी लगभग 70 लाख किसानों को उत्तर प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य का फायदा मिला।पूर्ववर्ती सरकारों में पांच साल में कुल 123 लाख 61 हजार मीट्रिक टन धान की हुई थी खरीदउन्होंने कहा कि वहीं जब हम पूर्ववर्ती सरकार के पांच साल के कार्यकाल को देखें तो उनके समय में कुल 123 लाख 61 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी। वहीं 94 लाख 38 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई। इस तरह कुल मिलाकर 12,808 करोड़ों रुपये की पिछली सरकार ने खरीदारी की। उन्होंने कहा कि एक तरफ सपा सरकार में 12,808 करोड़ रुपये की खरीदारी और वर्तमान सरकार की 37,539 करोड़ की खरीदारी साबित करती है सरकार किसानों के साथ है। प्रदेश में पिछले 70 सालों में पहली बार किसानों द्वारा पैदा किए गए खाद्यान्न का इतनी बड़ी मात्रा में खरीदारी का सरकार ने रिकॉर्ड बनाया है। संक्रमण काल में भी सरकार ने 67 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद कीउन्होंने कहा कि वहीं कोरोना संक्रमण काल के दौरान भी सरकार ने 67 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदारी की और 12 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किसानों के खाते में किया गया। सरकार ने प्रदेश के किसानों को अपने उत्पादन को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया और उसकी खरीद सुनिश्चित की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसानों ने परिश्रम करके राज्य के भीतर 604 लाख मीट्रिक टन का अब तक का सबसे अधिक उत्पादन किया है। सर्वाधिक खाद्यान उत्पादन करने वाला राज्य बना उत्तर प्रदेशउन्होंने कहा कि जब से योगी आदित्यनाथ की सरकार आई है तब से प्रदेश में सर्वाधिक खाद्यान्न उत्पादन करने वाले राज्य में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर बना है। इस अवधि के भीतर लगभग 50 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा खाद्यान्न उत्पादन हमारे किसानों ने किया है। हम लोगों ने राज्य के भीतर पहली बार दलहन और तिलहन की खरीदारी शुरू की। इसके अंतर्गत प्रयास किया गया कि जिन जनपदों के भीतर चना, मसूर, सरसों, राई, उड़द, मूंग और मूंगफली और जहां पर मक्के की खेती ज्यादा होती है, उन किसानों को सही कीमत मिल सके इसलिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदारी की गई है। गेहूं उत्पादन में पहले स्थान पर है उत्तर प्रदेशकृषि मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश गेहूं उत्पादन में देश के भीतर पहले स्थान पर है। देश के कुल उत्पादन का लगभग 23 प्रतिशत उत्पादन उत्तर प्रदेश कर रहा है। धान के उत्पादन में उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर पहुंच गया है और गत वर्ष हम लोगों ने 171 लाख 10 हजार मीट्रिक टन धान को चावल में कन्वर्ट किया। इस बार उससे आगे बढ़कर हम 177 लाख मीट्रिक टन के करीब पहुंच गए हैं, यह भी अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इसके साथ ही किसानों के परिश्रम से कृषि विभाग और सहयोगी विभागों के सहयोग से उत्तर प्रदेश गेहूं के साथ-साथ आलू, गन्ना, दूध, साग सब्जी के उत्पादन में पहले स्थान पर है। यह योगी सरकार की कृषि के क्षेत्र में किसानों की की खुशहाली के लिए बहुत बड़ा उपलब्धि है।

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