Monday, April 13, 2026
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उप्र में विद्युत लाइन लॉस 21.4 प्रतिशत से घटकर हुआ 17.6 फीसद

-बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए योगी सरकार ने उठाए कड़े कदम

-बिजली चोरी रोकने को गठित हुईं 88 टीमें, सभी जिलों में विद्युत चोरी निरोधक थाने स्थापित

-ऑनलाइन बिजली बिल जमा करने की हुई सुविधा, शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर

लखनऊ(हि.स.)। योगी सरकार ने प्रदेशवासियों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने, ऑनलाइन बिजली बिल जमा करने, विद्युत संबंधी शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर उपलब्ध कराने, लाइन लॉस कम करने समेत अनेक सुविधाएं पिछले छह वर्षों में दी हैं। यही वजह है कि प्रदेश में जहां वर्ष 2016-17 में 21.47 प्रतिशत लाइन हानियां थी, उसे घटाकर जनवरी 2023 तक 17.62 प्रतिशत किया जा सका है।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता का कहना है कि वर्ष 2016-17 में ए टी एंड सी हानियां 28.81 प्रतिशत से घटाकर 26.83 प्रतिशत की गयीं हैं। साथ ही 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में अलग-अलग मद में कुल 23 हजार करोड़ से ज्यादा की सब्सिडी प्रदान की है। इसके अलावा वर्ष 2022-23 के अनुपूरक बजट में एक हजार करोड़ की अतिरिक्त सब्सिडी की भी व्यवस्था की गई थी।

ग्रामीण इलाकों में बिजली बिल जमा करने के लिए शुरू हुई कई योजनाएं

प्रवक्ता ने बताया कि योगी सरकार ने वर्तमान वित्तीय वर्ष 2022-23 में घरेलु विद्युत उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए कुल 6503 करोड़ की सब्सिडी दी। इसी तरह निजी नलकूप के लिए 7097 करोड़ तथा कृषि विभाग द्वारा 1250 करोड़ की सब्सिडी दी गई। इसके अलावा बुनकरों को 250 करोड़ तथा लॉस फंडिंग के लिए 8007 करोड़ सब्सिडी के रूप में दिये गये। कुल मिलाकर योगी सरकार ने 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए कुल 23107 करोड़ की सब्सिडी वर्तमान वित्तीय वर्ष में स्वीकृत की। इसके साथ ही योगी सरकार द्वारा विद्युत उपभोक्ताओं को विद्युत बिल देने व जमा करने के लिए उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर लिंक भेजा जा रहा है, जिसमें उन्हे खुद अपना विद्युत बिल ऑनलाइन जनरेट करने की सुविधा दी जा रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को विद्युत बिल जमा करने के लिए दूर दराज स्थित उपखण्ड कार्यालय या विद्युत उपकेन्द्रों पर जाना पड़ता था। ऐसे में उनकी समस्या को दूर करते हुए योगी सरकार ने जुलाई 2018 में ग्रामीण क्षेत्रों में जनसेवा केन्द्रों (सीएससी) द्वारा विद्युत बिल भुगतान की व्यवस्था की। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों (विद्युत सखियों), राशन की दुकानों (पीडीएस शॉप), सहकारी समितियों (पैक्स) एवं बिलिंग एजेंसियों के मीटर रीडरों के माध्यम से पिछले दो वर्षों से विद्युत बिल का भुगतान करने की व्यवस्था की गई, जहां उपभोक्ता बिल संशोधन के लिए भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

40 लाख स्मार्ट मीटर लगाने को हो रहा युद्धस्तर पर काम

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बड़े उपभोक्ताओं को ओपन एक्सोस के माध्यम से विद्युत आपूर्ति प्राप्त करने की सुविधा दी है। इस सुविधा का लाभ अब तक 245 बड़े उपभोक्ताओं ने उठाया है। वहीं प्रदेश में 40 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाने की योजना चलाई जा रही है। अभी तक प्रदेश के 12 शहरों में लगभग 11.78 लाख स्मार्ट मीटर लगाये जा चुके हैं। स्मार्ट मीटर लगने पर मैनुअल मीटर रीडिंग की आवश्यकता नहीं रह जाएगी। इसके साथ ही उपभोक्ताओं की विद्युत संबंधी सभी समस्याओं को दूर करने के लिए टोल फ्री नंबर 1912 की व्यवस्था की गयी है, जिसकी मानीटरिंग डिस्कॉम एवं पावर कारपोरेशन के अधिकारियों द्वारा की जा रही है। उपभोक्ता इस नंबर पर बिल, विद्युत आपूर्ति व्यवधान, ट्रांसफार्मर खराब होने, मीटर की खराबी, नये कनेक्शन तथा विद्युत चोरी के संबंध में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके साथ ही विद्युत समाधान सप्ताह में 1.73 लाख शिकायतों में से 1.46 लाख शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है।

सरकारी प्रवक्ता के अनुसार संभव पोर्टल पर कुल 71,000 शिकायतों के निस्तारण की ऑनलाइन व्यवस्था की गई है। विद्युत विभाग में नये विजिलेन्स दलों का गठन किया गया, जिसमें 88 रेड टीमें कार्यरत हैं, जो विद्युत चोरी को रोकने एवं ए टी एण्ड सी लॉस को कम से कम करने पर काम कर रही हैं। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 75 जिलों में विद्युत चोरी निरोधक थाने क्रियाशील हैं।

पीएन द्विवेदी

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