Friday, April 10, 2026
Homeउत्तर प्रदेशउप्र में अवैध शराब के कारोबार में लिप्त अभियुक्तों पर होगी सख्त...

उप्र में अवैध शराब के कारोबार में लिप्त अभियुक्तों पर होगी सख्त कार्रवाई

 अपर मुख्य सचिव, गृह ने निगरानी व गहन समीक्षा के दिए निर्देश 

– अपर पुलिस महानिदेशक आबकारी मामलों की सूचना अब तीन दिन के भीतर शासन को उपलब्ध कराएंगे
लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में अवैध शराब से सम्बन्धित घटनाओं को शासन द्वारा बेहद गम्भीरता से संज्ञान में लेते हुए अवैध शराब के कारोबार में लिप्त अभियुक्तों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये हैं। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव, गृह ने अपर पुलिस महानिदेशक, अभियोजन को आबकारी के मामलों की सूचना तीन दिवस के भीतर शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रभावी पैरवी कर उक्त मामलों के निस्तारण व मुल्जिमों को कठोर सजा दिलवाने के भी निर्देश दिए हैं।  अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि अवैध शराब से सम्बन्धित अभियुक्तों के विरूद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 60 (क) के सुसंगत प्रावधानों तथा गिरोहबन्द अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत समुचित एवं कठोर अभियोजन कार्रवाई सम्पादित की जाय। उन्होंने ऐसे अभियोगों का विवरण, जिनमें उक्त धाराओं में एफआईआर दर्ज करायी गयी है, उन्हें शासन को उपलब्ध कराने तथा ई-प्रासीक्यूशन पोर्टल पर दर्ज कराने के निर्देश दिये हैं। साथ ही ई-प्राॅसीक्यूशन पोर्टल पर दर्ज व सीसीटीएनएस (क्राइम एण्ड क्रिमनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम) से प्राप्त ऐसे मामलों की निगरानी व गहन समीक्षा करने के भी निर्देश दिये हैं। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश आबकारी (संशोधन) अधिनियम, 2017 जो 06 जनवरी 2018 को अधिसूचित हो चुका है। इसके अनुसार नई धारा-60 (क) के माध्यम से प्रावधान किया गया है कि किसी मादक पदार्थ को किसी अन्य पदार्थ या विजातीय द्रव्य से उसे अपायकर बनाते हुए उसका विक्रय करने अथवा उपलब्ध या प्रदान करने-करवाने वाले व्यक्तियों को, जिनके उक्त कृत्य से किसी मानव की मृत्यु हुई हो, वहां मृत्युदण्ड अथवा आजीवन कारावास तथा जहां किसी व्यक्ति को विकलांगता अथवा घोर उपहति हुई हो, तो न्यूनतम 06 वर्ष तथा अधिकतम 10 वर्ष तक के कठोर कारावास तथा जहां उक्त के परिणामस्वरूप व्यक्ति को उपहति अथवा परिणामिक हानि पहुंची हो, वहां न्यूनतम एक वर्ष तथा अधिकतम दो वर्ष तक के कारावास एवं जुर्माने से दण्ड का प्राविधान किया गया है।  

RELATED ARTICLES

Most Popular