उतरौला सीट से भाजपा प्रत्याशी जीते:
उतरौला विधानसभा में भाजपा ने 21 वर्ष बाद तोड़ा मिथक
रोहित कुमार गुप्ता
उतरौला बलरामपुर। विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी व विधायक राम प्रताप वर्मा की जीत के बाद दशकों पुराना मिथक भी टूट गया है। 11वीं विधानसभा चुनाव में जनता दल के प्रत्याशी समीउल्लाह खां ने दोबारा जीत हासिल की थी। उसके बाद हुए छह विधानसभा के चुनाव में विधायकों को जनता ने दोबारा सदन में नहीं भेजा था।
सत्रहवीं विधानसभा के चुनाव में भाजपा के रामप्रताप वर्मा को जीत मिली थी। अठारहवीं विधानसभा के चुनाव में इसी दल से रामप्रताप वर्मा पर मतदाताओं ने पुन: विश्वास जताते हुए विधायक बनाया है। कांग्रेस अभी भी पुराने अभिशाप से मुक्त नहीं हो पाई है। 1967 के चुनाव के बाद से इस चुनाव तक इस पार्टी के प्रत्याशी को जीत नहीं मिली। इस पार्टी के प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित कराने के लिए मशहूर शायर इमरान प्रतापगढ़ी व राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने पूरी जोर लगा दी थी।
एआईएमआईएम के प्रत्याशी की जीत के लिए इस दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने विधानसभा क्षेत्र में सात जनसभाएं की थीं। सपा समर्थित प्रत्याशी के पक्ष में हांलाकि किसी बड़े चेहरे ने जनसभा नहीं की थी, लेकिन इस चुनाव में भी पार्टी को दूसरा स्थान दिलाने में सफल रहे।
जीत के जश्न में डूबे रहे कार्यकर्ता
मतगणना का परिणाम घोषित होते ही भाजपाइयों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। तीन चक्रों की गणना शेष रहते ही भाजपा कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी शुरू कर दी थी। जेसीबी मशीन पर बैठ कर कार्यकर्ता डीजे की धुनों पर थिरकते हुए एकत्र हुए। मतगणना का परिणाम जानने के लिए सुबह से ही लोग इंटरनेट मीडिया व टीवी स्क्रीन पर नजरें जमा कर बैठ गए थे।
शाम तक एक-दूसरे से क्षेत्रीय प्रत्याशियों के साथ प्रदेश की सत्ता में कौन आ रहा है। इसकी पूछताछ चलती रही। बाजार व ग्रामीण इलाकों में भाजपा की दोबारा सत्ता वापसी व विधायक के दोबारा जीत पर जश्न मनाने का क्रम चलता रहा।
