Wednesday, January 14, 2026
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आखिर इंटरनेट पर साइबर क्राइम से कैसे बचें?

नालेज डेस्क

साइबर क्राइम से बचने के लिए हमारा जागरूक और सतर्क रहना जरुरी है। लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए समय-समय पर पुलिस और बैंको के द्वारा कार्यक्रम चलाए जाते हैं, समाचार पत्रों में भी लेख छपते रहते हैं। उनमें जो बातें बताई जाती हैं वह कुछ इस प्रकार हैं :
किसी भी अज्ञात स्रोत से आए लिंक या ईमेल अटैचमेंट पर क्लिक न करें। अपने सोशल मीडिया एकाउंट्स से फोटो डाउनलोड का विकल्प बंद रखें। सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी शेयर करने से बचें। अपने पासवर्ड नियमित रूप से बदलते रहें। बैंक कर्मचारी कभी भी फ़ोन या एसएमएस करके बैंक खातों की जानकारी या ओटीपी नहीं माँगते हैं। इसीलिए यदि कोई यह जानकारी माँगता है तो उसे यह सब न बताएँ। एनीडेस्क एक रिमोट कनेक्शन बनाने वाला सॉफ्टवेयर है पर इसका प्रयोग आजकल लोगों के बैंक खातों से पैसे उड़ाने में किया जा रहा है। ठग, लोगों को फ़ोन करके पहले उन्हें डराते हैं फिर एनीडेस्क डाउनलोड करने को कहते हैं। उनकी बातों में न आएं। एनीडेस्क डाउनलोड करने की गलती न करें। अपरिचित लोगों के फॉलोवर अनुरोध स्वीकार करने की शीघ्रता न करें। सोशल साइट्स पर भी किसी को फॉलो करने के पहले उसकी प्रोफाइल पर जाकर उसके लिखे उत्तर व उसका पूरा परिचय पढ़ लें। पिंक व्हाट्सएप का एक लिंक मैंने देखा व्हाट्सएप पर, लोग समझते हैं कि यह कोई नया अपडेट है पर यह फर्जी लिंक है; हानिकारक है, इस पर क्लिक किया तो हो सकता है कि आपका मोबाइल हैक हो जाए। जिओ; एयरटेल इत्यादि टेलीकॉम कंपनियों का नाम लेकर फ्री रिचार्ज उपलब्ध कराने वाले कई लिंक्स सोशल मीडिया पर सर्कुलेट होते रहते हैं। यह सब फर्जी लिंक होते हैं इन पर विश्वास न करें। फ्री वाईफाई का उपयोग करते समय अपनी बैंकिंग से जुड़े काम मनी ट्रांसफर इत्यादि न करें, न ही अपनी निजी जानकारी शेयर करें। यह सुरक्षित नहीं है। ऐसा करने से यह सारी जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुँच सकती है। किसी कंपनी का कस्टमर केयर का नंबर जानना हो तो कृपया गूगल बाबा की शरण में न जाएं, क्योंकि सर्च परिणामों में फर्जी वेबसाइट्स दिखाए जाते हैं। कई लोग इसी प्रकार की ठगी के शिकार हुए हैं। हर एप में हेल्प सेक्शन होता ही है, जिसमें कस्टमर सपोर्ट से सम्पर्क करने के लिए ईमेल आईडी और फ़ोन नंबर दिए होते हैं। कुछ में कस्टमर सपोर्ट से चैटिंग की सुविधा भी मिलती है। जागरूक रहें सतर्क रहें। साइबर अपराध से बचे रहें।

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