लखनऊ (हि.स.)। झांसी में हुए असद अहमद और शूटर गुलाम मोहम्मद के एनकाउंटर के मामले में अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इसकी शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से की है।
उन्होंने पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ नवेंदु कुमार द्वारा थाना बड़गांव, झांसी में दर्ज कराए गए तीन एफआईआर और एसटीएफ के इस संबंध में जारी किए गए मौके के विभिन्न फोटोग्राफ के आधार पर 12 संदेह के बिंदु बताए हैं। उन्होंने कहा है कि यह सारे बिंदु इस कथित एनकाउंटर की सत्यता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाते हैं।
इन बिंदुओं में एसटीएफ ने एफआईआर में मौके पर असद और गुलाम के जिंदा रहने के दावे, मौके पर इन दोनों के शरीर की पोजीशन, खुद घटनास्थल की स्थिति, घटनास्थल पर पाए गए मोटरसाइकिल की स्थिति, मृतकों के पिस्तौल के पकड़े जाने की स्थिति आदि के आधार पर रखे गए सवाल शामिल हैं।
अमिताभ ठाकुर ने अपनी शिकायत में कहा है कि यह विधि का स्थापित सिद्धांत है कि राज्य या किसी भी व्यक्ति को किसी अन्य व्यक्ति को मारने का अधिकार नहीं है और किसी भी व्यक्ति की जान मात्र न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार ही ली जा सकती है। किसी व्यक्ति के दुर्दांत अपराधी होने के नाम पर उसे मारा नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी स्थिति पर अंकुश नहीं लगाया गया तो व्यवस्था पूरी तरह अराजक हो जाएगी।
दीपक
