Saturday, March 28, 2026
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अवैध रूप से चल रहे 105 नर्सिंग होम के विरुद्ध उच्च स्तरीय जांच की मांग

बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ने मण्डलायुक्त को सौंपा पत्र

झांसी(हि. स.)। अवैध रूप से चल रहे नर्सिंग होम्स जिन विभागों के प्रश्रय एवं भ्रष्टाचार के कारण धड़ल्ले से कार्य कर रहे हैो। उन विभागों के संलिप्त अधिकारियों के विरुद्ध समयबद्ध उच्च स्तरीय जांच करवाये जाने के लिए बुन्देलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय के नेतृत्व में मंडलायुक्त को पत्र सौंपा। उन्होंने सीपरी बाजार में बीते रोज हुए भीषण अग्निकांड को न दोहराने के लिए उच्च स्तरीय जांच आवश्यक बताई।

पत्र में मोर्चा के अध्यक्ष ने सवाल खड़े करते हुए बताया कि झांसी विकास प्राधिकरण सहित मंडल के वे विभाग जिनके द्वारा मानचित्र स्वीकृत किये जाते हैं। उन विभागों द्वारा क्या मानचित्र नियमतः स्वीकृत किया है और क्या निर्माण नर्सिंग होम्स नियमावली के तहत हुआ है ? यदि नही तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही होना चाहिए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने क्या यह जांचने के प्रयास किया कि बिना विभाग की एनओसी लिए अवैध नर्सिंग होम्स चल कैसे रहे हैं। अग्निशमन अधिकारियों ने कार्यवाही किये जाने में शिथिलता क्यो बरती ? यदि कार्यवाही नही की तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही होना चाहिए। डिप्युटी डायरेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने नर्सिंग होम्स नियमावली के तहत आवश्यक कागजात पूरे देखे बिना, नर्सिंग होम्स को संचालित किए जाने की अनुमति कैसे दे दी ? यदि नियमावली को अनदेखा कर अधिकारियों ने बिना कागजात पूरे देखे बिना नर्सिंग होम्स को संचालित करने की अनुमति दे दी तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही होनी चाहिए।नियोजन विभाग ने नर्सिग होम्स निर्माण के लिए बिना भू-उपयोग एवं नियम देखे अगर नक्शा पास करने के लिए अनुमति दी है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही होनी चाहिए ।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा नर्सिंग होम्स संचालन की नियमतः अनुमति नहीं दी है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही होनी चाहिए। ड्रग कंट्रोलर ने हर नर्सिग होम को कैमिस्ट की दुकान खोलने की अनुमति दी है। नर्सिंग होम्स के डॉक्टर सिर्फ वो ही दवा लिखते है जो सिर्फ उन नर्सिंग होम्स के कैमिस्ट के पास मिलती है। ऐसे अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही होना चाहिए। मण्डलायुक्त से मांग करते हुए कहा कि ऐसे अधिकारियों के विरुद्ध 7 दिन के भीतर उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए अन्यथा मोर्चा न्यायिक कार्यवाही करने को वाध्य होगा। सीपरी जैसा अग्निकांड किसी भी दशा में दोबारा न हो, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। महानगर में करीब 114 प्राइवेट नर्सिंग होम संचालित हैं। भानु सहाय ने इनमें से केवल 09 के पास ही अग्निशमन विभाग की एनओसी बताई।

ज्ञापन देने वालो में रघुराज शर्मा, हनीफ खान, प्रदीप झा, नरेश वर्मा, कपिल वर्मा, गोविंद कुमार, राजू रायकवार आदि शामिल रहे।

महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के आसपास मानकों को दरकिनार करते हुए दर्जनों नर्सिंग होम संचालित किए जा रहे हैं। इसके विरुद्ध कई बार आवाज उठाई गई लेकिन या तो उसे दबा दिया गया या फिर अधिकारी और नेताओं ने फील गुड करते हुए जांच से इतिश्री कर ली।

महेश

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