– हर तरफ जश्न का माहौल, शान में कसीदे पढ़े गए
वाराणसी (हि.स.)। पैगम्बरे इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के दामाद मौला मुश्किलकुशा अली (हजरत अली) की जयंती मंगलवार को पूरे जोश और अकीदत से मनाई गयी। शिया समुदाय के लोगों ने एक दूसरे को हजरत अली के जन्मदिन की मुबारक पेश की। समुदाय में मौला अली की नज्र करवाकर तबार्रुक वितरण किया गया।
जयंती पर ही रवायत के अनुसार हजरत अली समिति के बैनर तले शिया समुदाय के लोग टाउनहाल मैदान के मुख्य गेट पर जुटे। यहां से समाज के लोगों ने जुलूस ए अली निकाली। जुलूस में शामिल युवा मुश्किलकुशा, मरहबा-मरहबा का नारा बुलंद करते चल रहे थे। जुलूस नीचीबाग स्थित गुरुद्वारा के पास पहुंचा तो वहां के ग्रन्थियों ने उलेमाओं का स्वागत और सम्मान किया। यहां से जुलूस चौक पहुंचा तो थाने के पास छोटी तकरीर हुई। यहां से जुलूस दालमंडी, नई सड़क, कालीमहाल, पितरकुंडा होते हुए दरगाहे फातमान पहुंचकर समाप्त हुआ। रास्ते में जुलूस में शामिल लोगों के लिए सामाजिक संगठनों की ओर से शर्बत व ठंडे पानी का इंतजाम किया गया था। अपरान्ह में दरगाहे फातमान में सेमिनार आयोजित होगा। इसमें श्री संकटमोचन के महंत प्रो. विश्वम्भरनाथ मिश्र, प्रधान गुरुद्वारे से भाई धर्मवीर,मौलाना नसीर सिराजी,महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो.आनन्द के त्यागी, मसीही समाज से विशप फ़ादर यूजिन जोसेफ, महामना मदन मोहन मालवीय कैंसर संस्थान के निदेशक डॉ. सत्यजीत मौला अली के जीवन पर प्रकाश डालेंगे। सेमिनार में शिया समुदाय के प्रतिभाशाली लोगों को सम्मानित भी किया जायेगा।
हजरत अली समिति के सचिव / मीडिया प्रभारी हाजी सैयद फरमान हैदर ने बताया कि सभी कार्यक्रम आयतुल्लाह मौलाना शमिमुल हसन की सदारत में आयोजित होगा। मौलाशराफत अली, हाजी अब्दुल मोइद, अली जुलूस में सैयद फरमान हैदर,मौलाना शमीमुल हसन,जीशान आजमी आदि शामिल रहे।
श्रीधर
