– मेगा इवेंट के रूप में मानक के अनुरूप होंगे सामूहिक विवाह, 232 करोड़ आवंटित
– वित्तीय वर्ष में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनांतर्गत 600 करोड़ का है बजट प्रावधान
लखनऊ(हि.स.)। समाज कल्याण विभाग ने 25 नवम्बर से 13 मार्च तक सामूहिक विवाह की तिथियां निर्धारित करते हुए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के लिए 232 करोड़ की धनराशि जिलों को आवंटित कर दी है। जिससे जनपदवार लक्ष्य एवं मांग के अनुसार दो लाख वार्षिक से कम आय वाले निर्धन परिवार की 45500 कन्याओं के सामूहिक विवाह पर 51 हजार रुपये प्रति युगल व्यय करते हुए भव्य कार्यक्रम के माध्यम से कराए जायेंगे।
आयोजित कार्यक्रमों में प्रदेश स्तर पर एकरूपता एवं जन सामान्य की सुविधा के लिए विभाग की ओर से एसओपी भी जारी कर दी है। जिसके अनुसार व्यापक प्रचार-प्रसार कर जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा निमंत्रण पत्र एवं व्यक्तिगत संपर्क कर जन प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा एवं उनकी गरिमामयी उपस्थिति में बृहद स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर विवाह संपन्न कराए जायेंगे।
तिथि निर्धारण के उपरांत जनपद, विधानसभा व विकास खण्डवार स्थल का चयन कर साफ-सफाई एवं प्रदूषण मुक्त वातावरण में साज सज्जा, आकर्षक बैनर, स्थानीय कलाकारों के माध्यम से सांस्कृतिक कार्यक्रम इत्यादि की समुचित व्यवस्था के साथ सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किए जाने के निर्देश दिए हैं।
प्रत्येक युगल के लिए विवाह मण्डप वेदी निर्मित की जाएगी, जिसमें 10 जोड़े पर पुरोहित की देखरेख में वर वधू की धार्मिक मान्यताओं एवं रीति रिवाजों के अनुरूप विवाह संस्कार संपन्न होंगे। पुलिस विभाग से समन्वय कर वाहन पार्किंग, ट्रैफिक, फायर टेंडर, सुरक्षा एवं सुविधा का ध्यान रखते हुए वर वधू पक्ष के लिए भोजन एवं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी सुनिश्चित किए जाने के निर्देश प्रदान किए गए हैं। व्यवस्था व्यय के लिए निर्धारित धनराशि छह हजार रुपये से उक्त समस्त व्यवस्थाएं विभाग द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित क्रय समिति द्वारा वित्तीय नियमों के अनुसार जेम पोर्टल अथवा ई-टेंडर के माध्यम से 10 हजार रुपये की विवाह संस्कार एवं गृहस्थ जीवन के लिए उपयोगी सामग्री क्रय की जाएगी, जिसके वितरण के लिए प्रत्येक 20 वैवाहिक युगल पर दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर काउंटर द्वारा सामग्री प्रदान की जाएगी। पारदर्शिता के लिए वितरित सामग्री की सूची भी उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। विवाह के समय ही विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र जनप्रतिनिधियों के माध्यम से वर-वधू को प्रदान किए जायेंगे एवं कन्या के खाते में अंतरित की जाने वाली धनराशि 35 हजार रुपयेडीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराए गए खातों में समयान्तर्गत शीघ्र भेजना सुनिश्चित किया जाएगा।
इस संबंध में समाज कल्याण विभाग के राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि निर्धन परिवार की कन्याओं के विवाह के लिए नहीं होगी बजट की कमी। मेगा इवेंट के रूप में मानक के अनुरूप समस्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में भव्य सामूहिक विवाह आयोजित किए जाएंगे।
दीपक
