Friday, September 18, 2026
Homeउत्तर प्रदेशअधिकांश परिवारों में वृक्ष पूजन के बाद ही है आंवला खाने की...

अधिकांश परिवारों में वृक्ष पूजन के बाद ही है आंवला खाने की परम्परा

आंवला नवमी पर श्रद्धालुओं ने की आंवला वृक्ष की पूजा

लखनऊ (हि.स.)। आंवला वृक्ष की पूजा कर श्रद्धालुओं ने आंवला नवमी मनाई। पूजा में भक्तों ने खील, चूड़ा, शक्कर के खिलौनों और आंवले का भोग लगाया और स्वस्थ जीवन का आशीर्वाद मांगा। बहुत सारे श्रद्धालुओं ने आंवली नवमी का व्रत भी किया। आंवला नवमी को अधिकांश लोग आंवला के वृक्ष के नीचे भोजन बनाएंगे और उसे प्रसाद स्वरूप ग्रहण करेंगे।

लखनपुर के लोहिया पार्क में बहुत से आंवला के वृक्ष लगे हुए हैं। यहां काफी संख्या में श्रद्धालु आंवला वृक्ष की पूजा करने पहुंचे। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से वृक्ष की पूजा की। आंवले के वृक्ष की जड़ में जल चढ़ाया। खील, लइया, चूड़ा और आंवले का भोग लगाया। अंत में आंवला वृक्ष की परिक्रमा की।

बहुत सो लोगों ने अपने घरों के आस-पास लगे आंवला वृक्ष की पूजा की। अमिता दुबे बताती हैं कि हमने अपने घर में गमले में छोटा सा आंवला का पेड़ लगाया हुआ हैं, वहीं उसकी पूजा कर लेते हैं। पेपर मिल कॉलोनी के पार्क में आंवले के पेड़ लगे हुए हैं। वहां पर भी काफी संख्या में महिलाओं ने आंवला वृक्ष की पूजा की।

पं. अनिल कुमार पाण्डेय बताते हैं कि इस तिथि में आंवले के दान का विशेष महत्व है। पंडित जी बताते हैं कि जाड़े में आंवले की नई फसल आती है। बहुत से घरों में आंवले को पूजा में चढ़ा कर ही खाने की परम्परा है। इसके अलावा इस दिन पेड़ के नीचे ही आंवले के साथ भोजन करने की भी परम्परा है।

RELATED ARTICLES

Most Popular