Wednesday, March 4, 2026
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UP News : 84 जिपं के सापेक्ष 62 वार्डों में नियम विरुद्ध आरक्षण का आरोप, आपत्ति दाखिल

 कौंधियारा के आरक्षण को शंकरगढ़ में दिखाकर किया नियम के खिलाफ 
 बारा विधानसभा के सभी नौ वार्डों पर भी हुए गलत आरक्षण 
प्रयागरा (हि.स.)। प्रयागराज में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के आरक्षण प्रकिया को लेकर प्रशासन के ऊपर अनियमितता का गंभीर आरोप लगा है। जिले के 84 वार्डों के सापेक्ष मे 62 वार्डों में दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर पिछली सूची को गलत ढंग से, दूसरे जगह की सूची दूसरे स्थानों पर दिखाते हुए 2021 में गलत सूची प्रकाशन पर निवर्तमान क्षेत्र पंचायत सदस्य विनोद कुमार मिश्र ने जिला निर्वाचन अधिकारी को लिखित आवेदन व प्रमाणों के साथ निस्तारण के लिए बुधवार को आपत्ति दाखिल की है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन द्वारा न्याय न मिला तो हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। 2010 में सामान्य सीट होने पर तत्कालिक शंकरगढ़ तृतीय वार्ड से वर्तमान सांसद फूलपुर केसरी देवी पटेल के विरूद्ध चुनाव लड़ा था। उसको भी प्रशासन के लिस्ट में बीसी श्रेणी में दिखाया गया है।
2021 मे शंकरगढ़ तृतीय को बीसी आरक्षण की घोषणा गई है। जिस पर आपत्ति के साथ नागरिकों में भी आक्रोश है। जो आरक्षण शंकरगढ़ तृतीय 66 वार्ड दिखाया गया है, वह पूर्व वार्ड कौंधियारा तृतीय के आरक्षण को शंकरगढ़ वर्तमान वार्ड में दिखाकर गलत सूची जारी की गई है। 

इसी प्रकार बारा विधानसभा के सभी नौ वार्डों में गलत आरक्षण को रखकर वर्तमान आरक्षण किया गया है। साथ ही 2015 के पांच बीसी को पुनः बीसी, चार एससी को पुनः एससी व 12 सामान्य सीटों को पुनः सामान्य आरक्षण घोषित होने पर श्री मिश्र ने 22 पन्नों के आरक्षण पर आपत्ति करते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत प्रयागराज को भी प्रेषित किया है। 
नगर निगम प्रयागराज में जिला पंचायत का वार्ड चाका तृतीय और चतुर्थ का पूरा क्षेत्र सम्मिलित हो गया है। फिर भी गलत तरीके से उनमें हुए पूर्ववर्ती आरक्षण को कौंधियारा द्वितीय और तृतीय में जोड़ दिया गया है, जो नियम विरुद्ध है।
श्री मिश्र ने यह भी बताया है कि वर्ष 2005 व 2015 में भी जिला पंचायत वार्डों का परिसीमन हुआ था और उसमें वार्डों की संख्या बढ़ाई गई थी। उस समय बढ़े वार्डों में तुलनात्मक आरक्षण किया गया था। अर्थात जिस नए वार्ड में पुराने क्षेत्र का ज्यादा हिस्सा गया था। उसमें पुराना ही आरक्षण रखा गया था। और जो क्षेत्र छोटा था उसमें आरक्षण शून्य मानकर किया गया था। क्रम संख्या के आधार पर आरक्षण नहीं किया गया था। बल्कि एससी, बीसी, जनरल परिवारों की संख्या के आधार पर पूर्व में आरक्षण किया गया था।
भाजपा यमुनापार जिला मीडिया प्रभारी दिलीप कुमार चतुर्वेदी, जिला महामंत्री विजय शंकर शुक्ला, राघवेन्द्र शुक्ल आदि ने भी आपत्ति दर्ज कराते हुए नए चक्रानुक्रम आरक्षण 2021 पंचायत नियमावली के तहत घोषित करने की मांग की है।

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