-ओडीओपी की ब्रांडिंग के लिए नई रणनीति तैयार
-प्रदेश के सभी 75 जिलों के ओडीओपी उत्पादों का अलग-अलग शहरों में होगा प्रदर्शन
लखनऊ (हि.स.)। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, निवेश तथा निर्यात प्रोत्साहन मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि ’75 वंडर्स ऑफ उत्तर प्रदेश’ की थीम पर एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) की ब्रांडिंग होगी।
ओडीओपी प्रोडेक्ट हर घर तक पहुंचे इसके लिए पूरे प्रदेश में ओडीओपी उपभोक्ता अभियान चलाया जायेगा। साथ ही उत्तर प्रदेश सहित देश के प्रसिद्ध स्थलों, एअरपोर्ट, लोक भवन, यूपी सदन एवं बड़े-बड़े पार्कों पर होर्डिंग तथा सरकारी वाहनों पर स्टीकर लगाकर ओडीओपी का बड़े स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जायेगा। श्री सिंह गुरुवार को खादी भवन में ओडीओपी की नई ब्रांडिंग रणनीति पर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पावर ऑफ ब्रांडिंग के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों के ओडीओपी उत्पादों को वाहनों में डिस्प्ले कर अलग-अलग शहरों में प्रदर्शित किया जायेगा। ओडीओपी योजना की सफलता पर आधारित लघु फिल्में निर्मित कराकर मेलों, प्रदर्शनियों, सरकारी समारोह आदि आयोजनों में इनको एलईडी के माध्यम से प्रसारित कराया जायेगा।
श्री सिंह ने निर्देश भी दिए कि लखनऊ में हजरतगंज चौराहे (अटल चौराहा), लोहिया पार्क, जनेश्वर मिश्र पार्क, रीवर फ्रंट पर कट-आउट लगाकर ओडीओपी का प्रमोशन किया जाए। साथ ही ओडीओपी से जुड़ी यूनीक स्टोरी भी प्रत्येक ओडीओपी उत्पादों के साथ उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जाए, इससे ओडीओपी के प्रति लोगों का भावनात्मक जुड़ाव होगा और हस्तशिल्पियों एवं कारीगरों को बड़ा बाजार मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि ओडीओपी उत्पादों के परिवहन के लिए उत्पादों की पैकेजिंग और अधिक बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
श्री सिंह ने कहा कि ओडीओपी योजना आने के बाद से ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में रोजगार का सृजन हुआ है। पहले की अपेक्षा कारीगर अपना घरबार छोड़कर बाहर नहीं गए हैं। आगे भी यही प्रक्रिया जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि पारम्परिक कारीगरों का कारोबार बढ़ने से प्रदेश की जीडीपी जहां ग्रोथ कर रही है, वहीं अर्थव्यवस्था पर अनुकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नई रणनीति के तहत ओडीओपी को बढ़ावा देने के लिए कारीगरों को उत्पादों की अहमियत के बारे में जानकारी दी जायेगी। उपभोक्ता और उद्यमी की कड़ी को मजबूत किया जायेगा।
हिन्दुस्थान समाचार/संजय लखनऊ, 14 जनवरी (हि.स.)। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि लोगों के जानमाल की सुरक्षा उत्तर प्रदेश में भगवान भरोसे है। अपराधियों के खौफ के चलते प्रदेश में डर का माहौल है।
उन्होंने गुरुवार को अपने बयान में कहा कि प्रशासन तंत्र का मनोबल गिरा हुआ है। मुख्यमंत्री का कानून व्यवस्था पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है, वे सिर्फ सख्त जबानी बयानबाजी और जांच की थोथी घोषणाओं के जरिए भी कुर्सी की प्रतिष्ठा बचाने तक में असफल हैं। फिर भी राज भवन मूक दृष्टा की भूमिका में क्यों है?
सपा अध्यक्ष ने प्रदेश में विभिन्न आपराधिक घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि जब प्रदेश भर में कानून व्यवस्था चौपट है तो उसमें सामान्यजन का जीवन हर क्षण संकट में ही रहता है। बच्चियों के साथ छेड़खानी और दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं के चलते अब अभिभावकों के समक्ष यक्ष प्रश्न है कि वे कैसे पढ़ाएं और कैसे बचाएं?
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने पहले रोमियो स्क्वाड बनाया जिस का खुद ही अपनी हरकतों से नाम बदनाम हो गया, पिंक बूथ दिखावे के रह गए। मिशन शक्ति के नाम पर कोई प्रभावी कार्यवाही नजर नहीं आई। समाजवादी सरकार ने अपराध नियंत्रण के लिए यूपी डायल 100 सेवा शुरू की थी। उसे 112 नम्बर बना कर निष्प्रभावी बना दिया गया। छेड़खानी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए समाजवादी सरकार में 1090 वूमेन पावर लाइन सेवा शुरू की गई थी जिसकी प्रशंसा अन्य प्रदेशों तक में हुई थी, उसको भी बर्बाद कर दिया गया।
अखिलेश ने कहा कि प्रदेश भर में भाजपा सरकार और उसके नेतृत्व द्वारा संरक्षित अपराधी अराजकता मचाए हुए हैं। त्रस्त जनता अपना धैर्य खो चुकी है। राज्य की पीड़ित जनता को राजभवन की संवैधानिक उत्तरदायित्व निर्वहन की जिम्मेदारी का इंतजार है।
UP News : ’75 वंडर्स ऑफ उत्तर प्रदेश’ की थीम पर ओडीओपी की होगी ब्रांडिंग
RELATED ARTICLES
