लखनऊ (हि.स.)। यूपी एसटीएफ ने दो शातिर जालसाजों को भरवारा रेलवे क्रासिंग के पास से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन दोनों ने हेलो राइड व एक और कम्पनी में हजारों लोगों से 40 करोड़ रुपये इनवेस्ट कराकर ठगी की है। दोनों अपराधियों पर इनाम भी घोषित है।
एसटीएफ की टीम ने दोनों अपराधियों देवेश यादव और रामजनक मौर्या को गिरफ्तार किया है। इन दोनों ने अपने साथियों के साथ मिलकर कम्पनी बनायी और हजारों लोगाें से लगभग 40 करोड़ रुपये इनवेस्ट कराकर ठगी की है। दोनों अपराधियों के बाकायदा ग्रुप थे। बाहुबली ग्रुप का अध्यक्ष देवेश तो बादशाह ग्रुप का अध्यक्ष रामजनक मौर्या था।
पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त देवेश यादव ने बताया कि वर्ष 2018 में उसने एक रियल स्टेट कम्पनी खोली और सस्ते प्लाट देने के नाम पर किस्त के रूप में लोगों से रुपये जमा कराना शुरू कर दिया। इस कम्पनी के डायरेक्टर अभय कुशवाहा, नीलम वर्मा, आजम सिददीकी व शकील अहमद खान थे। इसके बाद अभय कुशवाहा ने वर्ष 2018 में ही हेलो राइड नाम की कम्पनी बनायी। जिसमें निखिल कुशवाहा, अभय कुशवाहा, नीलम वर्मा, आजम सिददीकी डायरेक्टर थे। इसका ऑफिस साइबर हाइट्स विभूति खण्ड मे आठवें तल पर था। यह कम्पनी बाइक टैक्सी चलाने के नाम पर ग्राहकों से 61 हजार रुपये जमा करने के बदले प्रति माह 9582 रुपये 12 माह तक (1,14,984) देने का प्रलोभन देकर रुपये जमा कराती थी। कम्पनी में रुपये जमा करने के लिए सात टीमें बनायी गयी थी। इन टीमों में लगभग 1500 लोग काम करते थे।
इन्ही सात टीमों में मेरी बाहुबली ग्रुप के नाम से टीम थी, जिसका वह अध्यक्ष था। इन सातों टीमों के प्रेसिडेंट अपनी टीमों के माध्यम से रुपये जमा करते थे। जिसका उनको लगभग 15 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था। मेरी टीम में लगभग 200 लोग मेरे नीचे काम करते थे। मैने अपनी टीम के माध्यम से लगभग 500 लोगों से 20 करोड़ रुपये इन कम्पनियों मे जमा कराये, जिसका मुझे लगभग 01 करोड़ 80 लाख कमीशन आया। वर्तमान समय मे मैं अपनी रियल स्टेट कम्पनी इलाइट विवान प्रा0लि0 बनाकर लोगों से सस्ते प्लाट दिलाने का प्रलोभन देकर रुपये जमा करा रहा था।
पूछताछ मे गिरफ्तार अभियुक्त रामजनक मौर्या ने बताया कि दोनाें कम्पनियां उसने देवेश के साथ ही ज्वाइन किया था। वह बादशाह ग्रुप का अध्यक्ष था। उसकी टीम मे भी लगभग 200 लोग काम करते थे। टीम के माध्यम से इन कम्पनियों में लगभग 18 करोड़ रुपये जमा कराये थे, जिसका उसे 1.6 करोड़ रुपये कमीशन मिला। मार्च 2019 में जब इन कम्पनियों मे लगभग 500 करोड़ रुपये जमा हो गये तो अभय कुशवाहा कम्पनियां बंद करके फरार हो गया। इसके बाद इन कम्पनियों व हम लोगों पर सैकड़ों मुकदमें पंजीकृत हो गये। तो हम लोग भी फरार हो गये। वह दिल्ली में छिपकर रह रहा था। आज देवेश से अपने मुकदमे के सम्बन्ध मिलने आया था, तभी दोनों पकड़ लिए गए।
