-दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों पर हाईकोर्ट की टिप्पणी की दिलायी याद, मांगा जवाब
-आंकड़ों के जरिए उप्र की बेहतर स्थिति की पेश
लखनऊ (हि.स.)। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उत्तर प्रदेश से बेहतर कोविड मैनेजमेंट और सुशासन के दावों तथा विधानसभा चुनाव 2022 लड़ने पर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने पलटवार किया है। उन्होंने केजरीवाल की टिप्पणी को मुंगेरीलाल के हसीन सपने बताने के साथ कहा कि वह डींगे मारते हैं।
2022 के बाद बदल जाएगा मुहावरासिद्धार्थ नाथ सिंह ने मंगलवार को यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अब 2022 के बाद इस मुहावरे को बदल कर ‘केजरीवाल के हसीन सपने’ कहा जाएगा। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल जी का दावा है कि उत्तर प्रदेश में उनके ‘ऑक्सी मित्र’ निकले हुए हैं। इन्हीं से अगर वह जांच करा लेते तो शायद उनको सच्चाई समझ में आ जाती।
केजरीवाल इन सवालों के दें जवाबसिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि अरविंद केजरीवाल जी की डींगे मारने की बहुत आदत है। उनके मुताबिक उत्तर प्रदेश की जनता कह रही है कि दिल्ली के अंदर कोविड मैनेजमेंट और शासन इतना बढ़िया है कि उन्हें उत्तर प्रदेश भी संभालना चाहिए। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि ये मुंगेरीलाल के हसीन सपने हैं, इसलिए इनको रोका भी नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट कोविड मैनेजमेंट को लेकर अपनी टिप्पणी में कह चुका है कि जब मामला बढ़ रहा था तो आप क्यों नहीं जाग रहे थे। पिछले 18 दिनों में जिन लोगों ने परिवार के सदस्य को खोया है क्या दिल्ली सरकार उन्हें इसका जवाब दे पाएगी कि जब शहर में मामले बढ़ रहे थे तब प्रशासन ने कदम क्यों नहीं उठाए।
दिल्ली और उत्तर प्रदेश का तुलना का क्या है आधारसिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा इसका जवाब अरविंद केजरीवाल जी को देना चाहिए। वह पता नहीं किस आधार पर उत्तर प्रदेश से कोविड मैनेजमेंट को लेकर तुलना करते हैं। दिल्ली में दो करोड़ की आबादी है और उत्तर प्रदेश 24 करोड़ की आबादी वाला राज्य है। हमारा क्षेत्रफल भी बहुत बड़ा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में दो करोड़ की आबादी के बीच कोरोना संक्रमण के 6,08,000 मरीज हैं। वहीं उत्तर प्रदेश में 24 करोड़ में 5,66,000 मामले आते हैं। आम आदमी के पार्टी के लोग इसका प्रतिशत निकालकर जवाब दें। उन्होंने कहा कि वहीं उत्तर प्रदेश में दो करोड़ टेस्ट होते हैं जबकि दिल्ली 72 लाख के पार पहुंची है। इसके बाद भी वह अपने कोविड मैनेजमेंट को उत्तर प्रदेश से बेहतर बता रहे हैं।
उप्र में स्वास्थ्य, शिक्षा से लेकर रोजगार के क्षेत्र में हुआ कामकैबिनेट मंत्री ने कहा कि दिल्ली में एक ही पुराना एम्स है, वही नहीं संभाल पा रहे हैं, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार ने 02 नए एम्स और 52 नए मेडिकल कॉलेज जोड़े हैं। दिल्ली सरकार अपने मेडिकल कॉलेज को लेकर जवाब दे। अरविंद केजरीवाल सुशासन की बात करते हैं, जबकि उत्तर प्रदेश की बात की जाए तो हमने सीधे चार लाख लोगों को रोजगार दिया है और सवा लाख करोड़ लोगों को स्वावलम्बी बनाया है। हमारी एमएसएमई की योजनाएं चल रही हैं। जबकि दिल्ली में 45 प्रतिशत बेरोजगारी है। इस पर वहां के मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के स्कूलों की बात की जाए तो वहां हजार प्राइमरी स्कूल हैं। उत्तर प्रदेश में इनकी संख्या 1,35,000 है और और 50,000 स्कूलों का कायाकल्प किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इसीलिए अरविंद केजरीवाल अपने ऑक्सी मित्रों से ही सही जांच करा लेते तो बोलने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल इन सभी विषयों पर अपने जवाब दें। हम बहस करने को तैयार हैं।
2014 में वाराणसी की हार भूल गए हैं केजरीवालउन्होंने कहा कि वह उत्तर प्रदेश की जनता को इतना बेवकूफ समझ रहे हैं। यहां के लोग ऐसे नहीं हैं। हम लोग बहुत समझदार लोग हैं। अरविंद केजरीवाल 2014 को भूल गए हैं। उनका जो वाराणसी में हश्र हुआ, उसे तो याद कर लीजिए।
पूर्वांचल के लोगों पर की टिप्पणी को केजरीवाल याद करें इसके साथ ही अरविंद केजरीवाल जी को पूर्वांचल के लोगों पर की गई अपनी टिप्पणी को भी याद करना चाहिए, जिसके लिए उन्होंने अभी तक माफी भी नहीं मांगी। उन्होंने कहा था कि 500 रुपये के टिकट पर पूर्वांचल के लोग दिल्ली आते हैं और नि:शुल्क 05 लाख का का इलाज करके जाते हैं। इसलिए दिल्ली में हम लोग कोविड मैनेजमेंट की लड़ाई नहीं जीत पा रहे हैं।
सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि पूर्वांचल के लोग विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और बिहार के नागरिक हैं। उन्हें लेकर केजरीवाल जी को जवाब जरूर देना चाहिए। अगर वह उत्तर प्रदेश में आकर चुनाव लड़ना चाहते हैं। इसमें कोई आपत्ति नहीं है। यह लोकतंत्र में उनका अधिकार है। लेकिन, पूर्वांचल के लोगों की जो उन्होंने बेइज्जती की थी, उस पर उन्हे माफी मांगनी चाहिए। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली की जनता के बीच भी बेनकाब हो चुके हैं और जब कोई बेनकाब होता है, तो उसके लिए एक ही नसीहत होती है कि वह पर्दे के पीछे छुप जाए और परदे के आगे आने का प्रयास ना करें।
Up News : सिद्धार्थ नाथ का पलटवार, कहा डींगे मारने वाले केजरीवाल देखते हैं मुंगेरी लाल के हसीन सपने
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