-खादी एवं ग्रामोद्योग के उत्कृष्ट उत्पाद आत्म निर्भर भारत अभियान में अहम, उत्पाद को मिला बाजार
वाराणसी (हि.स.)। सहालग के मौसम में धर्म नगरी काशी में पंजाब के फुलकारी पारंपरिक हस्तनिर्मित कपड़े कुर्ता पांजामा सलवार सूट, खास सदरी की मांग बढ़ रही है। इन पारम्परिक कपड़ों की तलाश में लोग तेलियाबाग स्थित मंडलीय खादी ग्रामोद्वयोग आयोग कार्यालय परिसर में लगे खादी प्रदर्शनी में पहुंच रहे है। भारतीय संस्कृति में खास कर सहालग के दौर में पंजाब के शानदार फुलकारी के कपड़ों की स्टाल पर लोग मनपसंद कुर्ता सदरी और महिलाएं पटियाला सलवार सूट और फुलकारी एम्ब्रॉएडरी के कपड़े खरीद रही है।
शनिवार को खादी प्रदर्शनी में फुलकारी एम्ब्रॉएडरी के कपड़े खरीद रही चंदौली की माया सिंह और चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि शादी ब्याह के दौर में खासकर वर और बधु पक्ष के लोगों की पहचान इन खास कपड़ों से ही हो जाती है। परिवार के लोग भी शौक से पहनते है।
खादी और ग्रामोद्योग आयोग वाराणसी के निदेशक /प्रभारी डीएस भाटी ने ’हिन्दुस्थान समाचार’ से बातचीत में बताया कि खादी प्रदर्शनी में पंजाब की फुलकारी कला से निर्मित कपड़ों की खरीददारी के लिए लोग आ रहे है। शादी ब्याह के मौसम में इन कपड़ों को लोग शौक से खरीद रहे है। उन्होंने बताया कि 26 नवम्बर से सात दिसम्बर तक चलने वाले खादी प्रदर्शनी में परम्परागत खादी उत्पाद सूती खादी, ऊनी खादी, रेशमी खादी के अलावा आकर्षक रेडिमेड वस्त्र भी स्टालों पर उपलब्ध है। प्रदर्शनी में खादी कपड़ों पर तीस फीसद छूट दिया जा रहा है। प्रदर्शनी में 105 स्टालों पर उत्तर प्रदेश के साथ ही अन्य राज्यों पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब एवं हरियाणा आदि राज्यों की खादी व ग्रामोद्योगी संस्थाओं और ईकाईयों ने अपने उत्कृष्ट उत्पादों के साथ प्रतिभाग किया है।
प्रदर्शनी प्रतिदिन रविवार को भी आम लोगों के लिए सुबह 10 बजे से रात्री को 9 बजे तक खुली रहती है। प्रदर्शनी में कोविड प्रोटोकाल का पालन भी कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कश्मीर के मशहूर हनी उत्पाद एवं ऊनी उत्पाद, विभिन्न तरह की लकड़ियों से तैयार वस्तुएंं, टेराकोटा से तैयार विभिन्न उत्पाद तथा आयुर्वेदिक दवाईयां, आचार., मुरब्बा आदि की बिक्री हो रही है। मेले में बीते शुक्रवार तक सभी स्टालों के माध्यम से करीब 39 लाख की बिक्री हुई है । सात दिसम्बर तक डेढ़ करोड़ से अधिक के बिक्री का अनुमान है।
टेराकोटा शैली में बने भगवान बुद्ध की मूर्ति भी आकर्षण बनी
खादी मेले में टेराकोटा शैली में बने मिट्टी की खूबसूरत मूर्तिया भी आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है। स्टाल संचालक हरियाणा फरीदाबाद के दीपक भाटी ने बताया कि ड्राइंग रूम और कार्यालय की सजावट के लिए लोग इन मूर्तियों को खरीद रहे है। भगवान बुद्ध की मूर्ति पचास से लेकर 1500 रूपये में उपलब्ध है। पनिहारिन की मूर्ति 1000 तक में उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि इन मूर्तियों को बनाने में कम से कम कलाकारों को दो दिन लग जाता है। कोविड काल में इसकी खरीददारी अपेक्षाकृत कम हो रही है। राधा कृष्ण,बच्चों के खिलौनों की खरीदारी हो रही है। बताते चले टेराकोटा के मूर्तियों को प्रदर्शनी में खास प्लेटफार्म खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने दिया है। निदेशक डीएस भाटी ने बताया कि इसका लाभ टेराकोटा शिल्पकारो,कारीगरों को सीधे मिलेगा।
UP News : सहालग के मौसम में पंजाब का फुलकारी परम्परागत हस्तनिर्मित कपड़े खादी प्रदर्शनी में बने आकर्षण
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