-465 छात्रों को ऑनलाइन मोड माध्यम से किया गया सम्मानित
प्रयागराज (हि.स.)। इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड से स्वास्थ्य सेवा सुरक्षित, सुलभ और सस्ती हो जाएगी। दुर्भाग्य से दुनिया के लगभग 80 प्रतिशत अस्पतालों में इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड नहीं हैं। हम चाहते हैं कि सभी के पास सबसे स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड हो। उक्त विचार पद्मभूषण और पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित हृदय चिकित्सक डॉ. देवी शेट्टी ने शनिवार सुबह भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, प्रयागराज के 16वें ई-दीक्षांत समारोह में व्यक्त किया।
इस दौरान 465 छात्रों को ऑनलाइन मोड के माध्यम से विभिन्न डिग्रियों से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, मेधावी छात्रों को 23 पदक तथा 29 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। डॉ. देवी शेट्टी ने डिग्री धारकों का आवाहन किया कि वे डिजिटल उपकरण सस्ते दर पर विकसित करके नागरिकों के जीवन को आसान किये जाने की आवश्यकता है।
शेयर बाजार का मूल्यांकन वास्तविक भारत नहीं है। वास्तविक भारत अभी भी कृषि अर्थव्यवस्था पर निर्भर करता है, जो आजादी के बाद से आज तक नहीं बदला है। हमारे देश की लगभग आधी आबादी अभी भी बारिश पर निर्भर करती है।
कोविड ने हमारी दुनिया को बदल दिया है और इसे उल्टा कर दिया है। अब से 50 साल बाद जब इतिहासकार अतीत की बात करगें तो विश्व की घटनाओं को बीसी और एडी के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा। उन्होंने उपाधि धारको को प्रेरित करते हुए कहा की जब आप किसी महान उद्देश्य, किसी असाधारण परियोजना से प्रेरित होते हैं, तो आपके सभी विचार अपने बंधन तोड़ देते हैं।
निदेशक ने कहा, इसके अलावा संस्थान द्वारा स्वायत्त रूप से चालित उत्प्रेरक चुंबकीय नैनोबोट्स को डिज़ाइन किया गया है। यह आविष्कार जल उपचार के लिए उपयोगी है और इससे जल निकायों के भीतर कोई प्रदूषण नहीं होगा। कोरोना महामारी के कारण आई मंदी का संस्थान के प्लेसमेंट आंकड़ों पर कोई असर नहीं पड़ा और 85 प्रतिशत बीटेक छात्रों को दुनिया की विभिन्न प्रतिष्ठित कम्पनियों में नौकरियां मिली। इस अवसर पर प्रोफेसर टी लहरी डीन एकेडमिक्स, प्रो विजयश्री तिवारी कुलसचिव, डॉ मनीष गोस्वामी एसोसिएट डीन परीक्षा एवं प्रो नीतेश पुरोहित ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
