मो0 महमूद (एक्सक्लूसि)
जिला अस्पताल में दिल के रोगियों को जल्द मिलेगा इलाज
कानपुर (हि.स.)। हृदय रोगियों को आकस्मिक चिकित्सा मुहैया कराये जाने के लिए जिला अस्पताल उर्सला में चार बेड का कार्डियक आईसीयू बनाये जाने की कवायद शुरु हो गई है। अभी तक इसके लिए शासन की ओर से डेढ़ करोड़ रुपये का बजट पास किया गया है। अस्पताल प्रबंधन का यह भी मानना है कि लगभग महीने भर के अंदर मरीजों को इसका लाभ मिलने लगेगा। कानपुर परिक्षेत्र में हृदय रोगियों के लिए एक मात्र संस्थान रावतपुर स्थित लक्ष्मी पति सिंहानिया हृदय रोग संस्थान (कार्डियोलॉजी) है। यहां पर मरीजों की हृदय रोगियों की अपार भीड़ लगती है और ओपीडी का नजारा तो किसी मेले से कम नहीं रहता। दिनों दिन हृदय रोगियों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है और अक्सर देखा जाता है कि मरीज व तीमारदार यह नहीं समझ पाते कि हृदयघात पड़ा है कि नहीं। बीमार होने की स्थित में ज्यादातर तीमारदार अपने मरीज को अगर जनपद की बात की जाये तो जिला अस्पताल उर्सला लेकर पहुंचते हैं। हृदयघात एक ऐसा रोग है जिसमें समय की अहम भूमिका होती है और जिला अस्पताल के डाक्टर जब तक मरीज को यह समझ पाते हैं कि उसे हृदयघात पड़ा है तब तक रेफर करने में काफी देर हो जाती है। इसके साथ ही जिला अस्पताल और हृदय रोग संस्थान की दूरी भी करीब 10 किमी की है। इन सभी बिन्दुओं को देखते हुए जिला अस्पताल उर्सला के निदेशक डा. गिरीश श्रीवास्तव ने शासन से अस्पताल में कार्डियक आईसीयू बनाये जाने की पहल की। इस पर शासन ने अपनी संस्तुति दे दी है और जिला अस्पताल उर्सला में चार बेड के आकस्मिक कार्डियक आईसीयू बनने की कवायद शुरु हो गयी है। शासन की तरफ से इसके लिए करीब डेढ़ करोड़ का बजट पास हुआ है। यह कार्य मुख्य चिकित्साधिकारी की देख रेख में हो रहा है। इसकी जिम्मेदारी अपर मुख्य चिकिसाधिकारी डॉ.महेश कुमार को दी गयी है।
अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. अनिल निगम ने बताया कि जिला अस्पताल उर्सला को चार बेड के कार्डियक आईसीयू की सौगात शासन की तरफ से मिली है। इसमें पांच लोगों का नर्सिंग स्टाफ और तीन डॉक्टरो की तैनाती होगी जिनकी देख—रेख में आईसीयू का संचालन किया जाएगा। करीब एक महीने के अंदर आईसीयू बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद हृदय रोगियों को यह सुविधा प्रदान की जा सकेगी।
