मेरठ (हि.स.)। भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर रावण ने शनिवार को मेरठ में कहा कि उत्तर प्रदेश में अघोषित इमरजेंसी लगी हुई है। लोकतंत्र को कुचलकर सरकार विपक्ष को जनता के बीच पहुंचने से रोक रही है। किसानों की आवाज को लाठी और गोलियों से दबाया जा रहा है। लेकिन ऐसा नहीं चलेगा। अगर जरूरत पड़ी तो सरकार के खिलाफ हर जिले में धरना बैठा दिया जाएगा।
भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण शनिवार को रिठानी गांव में हुए आकाश हत्याकांड में उसके परिजनों को सांत्वना देने के लिए पहुंचे। इसके बाद चंद्रशेखर को जिमखाना मैदान के सामने अपार चैंबर में प्रेस वार्ता प्रस्तावित थी। प्रशासन ने प्रेस वार्ता को अनुमति नहीं दी और अपार चैंबर पर ताला डलवा दिया। इस पर चंद्रशेखर ने सड़क पर ही मीडिया से बातचीत की।
चंद्रशेखर ने कहा कि मुख्यमंत्री को यह समझना चाहिए कि सरकार मंदिर से नहीं, बल्कि संविधान से चलती है। प्रदेश सरकार अन्य पार्टियों के नेताओं से बोलने का अधिकार भी छीन रही है। प्रदेश में अघोषित इमरजेंसी जैसी स्थिति बन गई है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी सरकार सत्ता में आई तो वह भाजपा के नेताओं को रैलियां करने की खुली छूट देंगे, जिससे एक स्वस्थ लोकतंत्र का अहसास हो।
चंद्रशेखर ने कहा कि भाजपा सरकार में मेरठ क्राइम कैपिटल बन गया है। आकाश के शरीर की 57 हड्डियां तोड़ कर युवक की बर्बरतापूर्वक हत्या की गई।घटना के 20 दिन बाद भी आरोपित खुले घूम रहे हैं। यदि एक फरवरी तक आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो दो फरवरी को वह खुद कलक्ट्रेट में धरने पर बैठ जाएंगे। सरकार पर गोली और लाठी के दम पर किसानों के आंदोलन को कुचलने का आरोप लगाते हुए चंद्रशेखर ने चेतावनी दी कि यदि जरूरत पड़ी तो किसानों के समर्थन में हर जिले में धरना दिया जाएगा।
