Tuesday, February 10, 2026
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UP News : रेलवे को निजीकरण की नहीं पीपीसी मॉडल की आवश्यकता

.बजट पूर्व वर्चुअल संगोष्ठी में छात्रों ने जीएसटी के स्लैब को कम कर सिर्फ तीन स्लैब तक सीमित रखने की मांग की
वाराणस (हि.स.)। केन्द्र सरकार के आम बजट का लोगों को बेसब्री से इंतजार है। बजट को लेकर आमजन और व्यापारियों के साथ छात्र भी नई योजनाओं को लेकर आशान्वित है। गुरुवार को डीएवी पीजी कॉलेज के वाणिज्य विभाग के तत्वावधान में आयोजित जिला स्तरीय बजट 2021ः अपेक्षाएं एवं संभावनाएं विषयक वर्चुअल संगोष्ठी में छात्र छात्राओं ने खुलकर अपनी मांग रखी। संगोष्ठी में छात्रों ने सबसे ज्यादा जोर कोरोना काल में होने वाले पलायन को रोकने एवं रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाने पर जोर दिया। 
संगोष्ठी में प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाली बीएचयू एमबीए की छात्रा आयुषी आनन्द ने कहा कि उम्मीद है कि सरकार इस बार बजट में 10.15 लाख रूपये वार्षिक आय पर छूट के प्रावधान को बढ़ा सकती है। जीएसटी के स्लैब को कम कर सिर्फ तीन स्लैब तक सीमित किया जाना चाहिए।  आयुषी आनन्द ने कहा कि सरकार को मनरेगा योजना की धनराशि को बढ़ाना चाहिए। ताकि पलायन को रोका जा सके। द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले डीएवी एमकाम के छात्र चैतन्य वशिष्ठ ने कहा कि सरकार को एमएसएमई सेक्टर पर खासा ध्यान देने की आवश्यकता है, जिससे निम्न आयवर्ग के लोगों के जीवन में बुनियादी बदलाव लाया जा सकता है। तृतीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के एमबीए के छात्र रूद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जीडीपी में सकारात्मक बदलाव की आस में आयकर में छूट के प्रावधान को बढ़ाना होगा। संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहे डीएवी पीजी कॉलेज के बीकाम के छात्र प्रणव आनन्द ने कहा कि रेलवे का पूर्ण निजीकरण करने के स्थान पर सरकार पीपीसी मॉडल पर रेलवे का परिचालन कर सकती है, जिससे रेलवे में रोजगार और निवेश दोनों के रास्ते खुले रहेंगे। 
इसके अलावा पिछले बजट में सरकार द्वारा बढ़ाये गये डिसइन्वेस्टमेन्ट को कम करने की भी आवश्यकता है। संगोष्ठी में तनु ओझा, काव्या सिंह, श्रेया त्रिपाठी, प्रियांशी, रक्षा दुबे, मुकुल अग्रवाल, राज्यलक्ष्मी, आस्था राय, कार्तिक अग्रवाल सहित जनपद के विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने बात रखी। संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सत्यदेव सिंह ने कहा कि वैश्विक महामारी के दौर में अर्थव्यवस्था की खराब स्थिति को देखते हुए ग्रोथ आधारित बजट की उम्मीद की जा सकती है। इसके साथ ही युवाओं के लिए कोरोना काल में बढ़ती बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है। ऐसे में सरकार द्वारा नई योजनाओं की उम्मीद की जा सकती है, जिससे नौकरियों में इजाफा हों।  डॉ. प्रदीप कमल ने अतिथियों का स्वागत,  संचालन डॉ आनन्द सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. तरू सिंह ने किया। संगोष्ठी के निर्णायक मण्डल में डॉ. पारुल जैन एवं गुरु घासीदास विवि छत्तीसगढ़ के डॉ. अमित मंगलानी रहे।

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