लखनऊ (हि.स.)। भाकपा (माले) की राज्य इकाई ने कहा है कि योगी सरकार के चार साल में स्वतंत्रता आन्दोलन की सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि नागरिक आजादी व संवैधानिक लोकतंत्र को सर्वाधिक क्षति पहुंची है। भाकपा (माले) के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने शुक्रवार को कहा कि वैसे यह क्षति तो मोदी सरकार के सात साल में पूरे देश को हुई है, जिसका प्रमाण अमेरिका स्थित ‘फ्रीडम हाउस’ समेत ख्याति प्राप्त विश्व संस्थाओं के हाल के आंकड़े हैं। लेकिन, उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार आने के बाद इस क्षति की गति तेज हुई है और लोकतंत्र पूरी तरह तहस-नहस हुआ है।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने हर एनकाउंटर को अपना तमगा समझकर पूरे सूबे को एनकाउंटर प्रदेश बना डाला। ऐसा करते हुए संविधान और न्यायपालिका को ‘बुलडोज’ किया और चुनावी तानाशाही लागू की। नफरत, भय व विभाजन की योगी सरकार की नीति ने हिटलर के युग की यादें ताजा कर दी और इसके आगे इंदिरा युग की इमरजेंसी भी शर्मिंदा हो गई।
राज्य सचिव ने कहा कि जिस गौरवशाली व गर्वीले गंगा-जमुनी तहजीब को संदियों ने थाती के बतौर संभाला, उसे योगी सरकार ने साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति कर चार साल में धो डाला। अब प्रदेश में जंगलराज है, जहां दबंगों-अपराधियों का बोलबाला और उन्हें संरक्षण है। विकास का आकलन सिर्फ सीमेंट-कंक्रीट के ढांचों से नहीं होता। बेरोजगारी और भ्रष्टाचार चरम पर है। महिला सुरक्षा, अल्पसंख्यकों दलितों-गरीबों की बदतर हुई हालत ने योगी सरकार के विकास के ढोल की पोल खोलकर रख दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार झूठ का प्रचार कर सिर्फ अपनी पीठ थपथपा रही है, जबकि हकीकत में सूबे के किसान-मजदूर-नौजवान सभी परेशान हैं।
