गाजीपुर (हि.स.)। जिला कारागार के अंदर निष्प्रयोज्य पाठशाला में बंदी नंदकिशोर तिवारी ने फांसी लगा ली।बंदी दो माह पूर्व एकतरफा प्यार में युवती पर चाकू से वार के आरोप में जिला जेल में बंद था। इसके बाद से ही वह अवसादग्रस्त चल रहा था। बंदी द्वारा फांसी लगाने की जानकारी पर जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
मामले की जानकारी पर आनन-फानन पहुंचे जेल अधिकारियों ने बंदी को फंदे से उतारा और चिंताजनक हालत में उसे इलाज के लिए जेल अस्पताल में लेकर पहुंचे, जहां उसने दम तोड़ दिया। बंदी द्वारा फांसी लगाकर जान देने की जानकारी मिलते ही परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल है।
जेलर ने शुक्रवार को बताया कि बंदी नंद किशोर बैरक नम्बर तीन में बंद था। गुरुवार की रात बंदी नंदकिशोर ने बैग का फंदा बनाया और पाठशाला में दीवार के सहारे लटक गया। आस-पास के बन्दी शोर मचाने लगे। आनन-फानन उसे उतारकर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। बताया कि, कुछ दिन पहले ही नंदकिशोर के परिजनों ने कपड़ा रखने के लिए बैग दिया था। इसके पूर्व बीते गुरुवार की दोपहर में ही जिला जज, डीएम और एसपी ने जेल का निरीक्षण भी किया था।
बताते चलें कि, सादात थाना क्षेत्र के डढ़वल निवासी नंदकिशोर पर आरोप था कि उसने 23 जनवरी को एकतरफा प्यार में चाकू से वार कर लहूलुहान कर दिया था। इसमें युवती के एक हाथ की तीन उंगलियां कट गई थीं। वारदात के दो दिन बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
