-भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री को याद किया गया, जमीयत यूथ क्लब बनारस में जयंती पर सप्ताह व्यापी कार्यक्रम
वाराणसी (हि.स.)। स्वतंत्रता सेनानी और देश के प्रथम शिक्षा मंत्री भारत रत्न मौलाना अबुल कलाम आजाद की 132वीं जयंती बुधवार को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनायी गयी।
भारत स्काउट एवं गाइड जमीयत यूथ क्लब बनारस के प्रशिक्षित युवाओं ने इस अवसर पर अशफाक नगर कालोनी कमच्छा से शैक्षिक जागरूकता रैली निकाली। क्लब के स्थानीय कन्वीनर मुहम्मद रिज़वान और काउंसलर नूरूल बशर के नेतृत्व में निकली जागरूकता रैली को जमीयत उलेमा ए बनारस के कोषाध्यक्ष हाजी मुहम्मद फुजैल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रैली का समापन बजरडीहा मस्जिद हमीद में हुआ। रैली में शामिल स्वयंसेवक हाथों में प्ले कार्ड लिए हुए थे। जिसमें शैक्षिक जागरूकता से संबंधित नारे आधी रोटी खाएंगे, बच्चों को पढ़ाएंगें, हाथ से हाथ मिलाएंगे, देश को साक्षर बनाएंगे, आदि लिखे हुए थे। रास्ते में भारत स्काउट एवं गाइड उत्तर प्रदेश के ट्रेनर अमिताभ पाठक ने भी स्वयंसेवकों का जमकर उत्साहवर्धन किया।
रैली के समापन पर मुहम्मद रिज़वान ने बताया कि शिक्षा दिवस के अवसर पर 11 नवंबर से 17 नवंबर तक क्लब की तरफ से शैक्षिक जागरूकता सप्ताह मनाया जायेगा। इसमें भिन्न-भिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना और मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के उस सपने को साकार करना है,जो मौलाना ने देखा था। उनका सपना था कि शिक्षा हर भारतीय का अधिकार है, जिससे उसे वंचित नहीं किया जा सकता। मौलाना का ये भी मानना था कि “शिक्षा का एकमात्र उद्देश्य केवल जीविका अर्जित करना नहीं होना चाहिए, बल्कि शिक्षा के माध्यम से व्यक्तित्व का निर्माण करना चाहिए। इसमें हाफ़िज़ अबू हमजा, बशीर अहमद, मुहम्मद जावेद, खुर्शीद, नईम अहमद और मोहम्मद मोहसिन आदि शामिल रहे।
