गाजियाबाद (हि.स.)। एनसीआरटीसी ने दुहाई से शताब्दीनगर सेक्शन के बीच आरआरटीएस वायडक्ट (पुल) का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। इससे रैपिड रेल के निर्माण में तेजी आ गई है।
दुहाई से शताब्दीनगर सेक्शन के बीच आरआरटीएस का ये सेक्शन 33 किमी लंबा है और सिविल निर्माण के पैकेज 3 कार्य (लॉट 1 और लॉट 2) के अंदर आता है। इस पैकेज के दोनों लॉट में अभी एक-एक लांचिंग गर्डर (तारिणी) बने हुए पिलर के ऊपर स्थापित किए गए हैं। इस सेक्शन का पहला लांचिंग गर्डर (तारिणी) मुरादनगर में कार्य कर रहा है। जबकि दूसरा लांचिंग गर्डर मोहिउद्दीनपुर में स्थापित किया गया है।
एनसीआरटीसी के प्रवक्ता रितेश ने बुधवार को बताया कि ये तारिणी आरआरटीएस के एलेवटेड सेक्शन का निर्माण कार्य कर रहे हैं। ये प्री-कास्ट सेगमेंट को जो कास्टिंग यार्ड में बनाए जाते हैं और फिर ट्रक द्वारा साइट पर लाए जाते हैं। पहले साइट पर लिफ्ट करते हैं और फिर उन्हें आपस में जोड़कर आरआरटीएस वायडक्ट का रखा जाता है। उन्होंने बताया कि इस सेक्शन पर लांचिंग गर्डर की संख्या और बढ़ाई जा रही है ताकि देश के पहले रीजनल रेल का निर्माण कार्य में और गति लाई जा सकें। वर्तमान में दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कोरिडोर पर ऐसे दस लांचिंग गर्डर (तारिणी) एक साथ काम कर रहे हैं जो अपने आपमें किसी भी अर्बन ट्रांसपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट निर्माण के लिए बड़ी बात है।
