Tuesday, March 3, 2026
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UP News : महंती के बहाने विरक्त संत मंडल ने धर्म नगरी चित्रकूट में किया शक्ति प्रदर्शन

– विरक्त संत मंडल ने विशंभर दास को बनाया श्री केशव धाम कृपा कुटी आश्रम का महंत
चित्रकूट(हि.स.)। धर्म नगरी चित्रकूट धाम नगर में विरक्त संत मंडल श्री चित्रकूटधाम द्वारा गोलोकवासी संत श्री राम जी दर्शन की पुण्य तिथि के उपलक्ष्य पर विशंभर दास महाराज को श्री केशव धाम कृपा कुटी आश्रम का महंत बनाया। इससे पूर्व पंजाबी भगवान आश्रम के महंत एवं विरक्त संत मंडल के अध्यक्ष राजकुमार दास महाराज एवं सचिव कामदगिरि प्रमुख द्वार के महंत मदन गोपाल दास महाराज के नेतृत्व में एक सैकड़ा से अधिक संतों ने सर्वप्रथम सीताराम संकीर्तन करते हुए कामदगिरि प्रमुख द्वार से संकादिक आश्रम पर शोभा यात्रा निकाली।  
शनिवार को श्री केशव धाम कृपा कुटी आश्रम के पूर्व महंत बैकुंठ वासी श्री राम जी दर्शन महाराज की पुण्यतिथि के अवसर पर महाराज श्री के तैल चित्र पर महंत विशंभर दास, विरक्त संत मंडल के अध्यक्ष राज कुमार दास महाराज, सचिव मदन गोपाल दास महाराज, कोषाध्यक्ष सीताशरण महाराज , रामायणी कुटी के महंत राम हृदय दास महाराज ने बैकुंठ वासी महंत श्री राम दर्शन जी के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कंठी चादर कार्यक्रम में शामिल संत महंतों ने नए महंत को कंठी चादर देकर महंत होना स्वीकार किया। धर्म नगरी चित्रकूट में संत समाज दो भागों में बट चुका है। चित्रकूट नगर एमपी क्षेत्र में नित्य प्रतिदिन हो रहे कंठी चादर कार्यक्रम में अखाड़ा परिषद गुट के सदस्य संत महंतों को दूर रखा जा रहा है। विगत दिनों पूर्व निर्मोही अखाड़ा में अखाड़ा परिषद द्वारा अखाड़े के महंत ओंकार दास को बिना किसी पूर्व सूचना के नागा शिवराम दास महाराज एवं दीनदयाल दास महाराज को नया महंत घोषित कर दिया था। जिसकी सूचना विरक्त संत मंडल चित्रकूट एमपी क्षेत्र के साधु समाज को नहीं दी गई थी। 
इस घटना से संत समाज में आक्रोश व्याप्त है। शनिवार को चित्रकूट नगर में श्री केशव धाम कृपा कुटी आश्रम में हुई महंती को विरक्त संत मंडल चित्रकूट धाम जिला सतना मध्य प्रदेश (रजिस्टर्ड) ने महंती की मान्यता संत समाज की गरिमामय उपस्थिति में प्रदान की है। संत समाज संगठन के अध्यक्ष महंत राजकुमार दास महाराज पंजाबी भगवान आश्रम ने आज हुए कंठी चादर कार्यक्रम में यह पुनः स्पष्ट कर दिया कि नगर के संत समाज को यह अधिकार है कि वह अपना संगठन एकमत से बना सकते हैं। चित्रकूट धाम नगर के संत समाज की इच्छा थी कि देश के अन्य धर्म क्षेत्र के अनुसार चित्रकूट धाम नगर में भी संत समाज का एक स्थानीय रजिस्टर्ड संगठन हो।  
संत समाज में गुटबाजी के सवाल का उत्तर देते हुए महंत राजकुमार दास महाराज ने कहा कि चित्रकूट क्षेत्र का संपूर्ण संत समाज सदैव एक साथ रहा है और आगे भी रहेगा। वर्तमान समय में जो घटना क्रम चल रहा है यह क्षणिक है। निर्मोही अखाड़ा में नई महंती अथवा संपत्ति विवाद अखाड़े का निजी विषय है। जिससे विरक्त संत मंडल समाज का कोई लेना देना नहीं है। निर्मोही अखाड़ा में तत्कालीन समय ओंकार दास महाराज को महंत अखाड़ा परिषद एवं विरक्त संत मंडल की उपस्थिति और सहमति से बनाया गया था। इसलिए चित्रकूट के संत समाज कि मान्यता और संत सम्मान आज भी ओंकार दास जी के लिए है। 
 विरक्त संत मंडल संगठन के सचिव एवं कामदगिरि प्रमुख द्वार के महंत मदन गोपाल दास महाराज ने बताया कि विरक्त संत मंडल मान्यता प्राप्त संगठन है। जिसे चित्रकूट नगर एमपी क्षेत्र में रहने वाले समस्त साधु संतों को उनके आश्रम कि व्यवस्था अनुसार विरक्त संत मंडल को सूचित करने पर नगर के संत समाज कि पूर्ण सहमति पश्चात महंत बनाने का अधिकार है। कंठी चादर कार्यक्रम में विरक्त संत मंडल श्री चित्रकूट धाम के आवाहन पर दो सैकड़ा से अधिक संत समाज उपस्थित हुआ था। उधर दूसरे पक्ष ने कल एक संयुक्त मीटिंग का आयोजन करते हुए विरक्त संत मंडल को भी आमंत्रित किया था। परंतु विरक्त संत मंडल ने भी ठीक उसी समय पर संगठन विस्तार की बैठक बुला ली। जिसके चलते बैठक संपन्न नहीं हो सकी। 
कंठी चादर के दौरान विरक्त संत मंडल श्री चित्रकूट धाम के बाबा सनकादिक, कार्यकारिणी सदस्य बलराम दास, सह सचिव सच्चिदानंद, गोविंद दास, महंत राम विजय दास, राम प्रिय दास आदि महंत उपस्थित रहे। कंठी चादर कार्यक्रम के पश्चात महंत सोमेश्वर दास के भक्तों द्वारा दिव्य भंडारा महाप्रसाद का आयोजन किया गया था।

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